जरात एटीएस, तटरक्षक बल और केंद्रीय खुफिया एजंसियों ने संयुक्त अभियान में ईरानी नौका से 526 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और हेरोइन जब्त की है। लक्षद्वीप के पास अरब सागर में एक ईरानी नाव से नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पकड़े जाने की घटना ने इस सवाल को और गंभीर बना दिया है कि क्या भारत नशे की तस्करी का केंद्र बनता जा रहा है? तीन हजार करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की इस खेप के साथ पांच पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी बताती है कि सीमा पार से समुद्र के रास्ते तस्करी का तंत्र कितना संगठित और सक्रिय है। सुरक्षा एजंसियों ने संयुक्त अभियान के तहत यह खेप पकड़ी है। केंद्रीय गृह मंत्री ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी। निश्चित रूप से यह सुरक्षा एजंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि हो सकती है, लेकिन अहम सवाल यह है कि देश में जिन लोगों तक इतनी बड़ी मात्रा में यह नशीला पदार्थ पहुंचाया जाना था, उनकी धर- पकड़ कब और कैसे हो पाएगी? क्योंकि, इससे पहले भी कई बार सीमा पार से लाई जा रही नशीले पदार्थों की खेप पकड़ी जा चुकी हैं, लेकिन उसमें आगे क्या कार्रवाई हुई, उसकी कोई जानकारी सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि गुजरात एटीएस, तटरक्षक बल और केंद्रीय खुफिया एजंसियों ने संयुक्त अभियान में ईरानी नौका से 526 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और हेरोइन जब्त की है। इससे पहले सितंबर 2021 में गुजरात की मुंद्रा बंदरगाह पर 2,988 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई थी। वर्ष 2022 में मुंद्रा से ही करीब 52 किलोग्राम कोकीन और 75 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती हुई थी। ऐसे में सवाल है कि बार-बार इतनी बड़ी खेपें पकड़े जाने के बाद भी नशीले पदार्थों की तस्करी के तंत्र को तोड़ने के प्रयास धरातल पर नजर क्यों नहीं आते हैं? हर बार बरामदगी और चंद लोगों की गिरफ्तारी की सूचना आती है, लेकिन इनके पीछे बैठे वित्तपोषकों, संचालकों, स्थानीय मददगारों और अंतिम खरीदारों तक जांच पहुंची या नहीं, इसका कोई ब्योरा साझा नहीं किया जाता है। इस मामले में भी जांच केवल नाव और उसमें सवार लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। सुरक्षा एजंसियों को यह पता लगाना होगा कि अंतरराष्ट्रीय तस्करों, भारत में मौजूद नेटवर्क और संभावित खरीदारों के बीच कड़ियां कहां जुड़ती हैं, तभी समस्या की जड़ तक पहुंचा जा सकता है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 1 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



