इंदौर। जूनी इंदौर थाना क्षेत्र में बुजुर्गों को निशाना बनाने वाले शातिर साइबर अपराधियों का नया कारनामा सामने आया है। बैंक का 'सीनियर सिटीजन कार्ड' बनवाने और उस पर मिलने वाली विभिन्न छूट व सुविधाओं का लालच देकर ठगों ने एक बुजुर्ग के बैंक खाते से 3 लाख रुपये उड़ा दिए। आरोपी ने बड़ी ही शातिरता से खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर एटीएम कार्ड की जानकारी ली और फिर भेजी गई लिंक पर पिन नंबर दर्ज करवाकर खाते की पूरी रकम अपने फर्जी खाते में ट्रांसफर करवा ली। साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद अब जूनी इंदौर थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, ऑनलाइन फ्रॉड की यह वारदात जूनी इंदौर निवासी बुजुर्ग पीतांबर चावला के साथ गत 14 सितंबर को घटित हुई। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'फेसबुक' पर बैंक ऑफ इंडिया के सीनियर सिटीजन कार्ड का एक आकर्षक विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन में दावा किया गया था कि कार्ड बनने पर बुजुर्गों को 5 लाख रुपये तक का लोन, मेडिकल बिल में रियायत, यात्रा टिकट बुकिंग व पेट्रोल-डीजल पर छूट के साथ ही जीरो-चार्ज अकाउंट जैसी कई सुविधाएं दी जाएंगी। सुविधाओं के लालच में आकर फरियादी ने विज्ञापन के साथ जुड़े ऑनलाइन फॉर्म को भरा और अपना मोबाइल नंबर दर्ज कर दिया। फॉर्म भरने के कुछ ही देर बाद पीड़ित बुजुर्ग के पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम दीपक शर्मा बताया और खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताते हुए सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने में मदद करने का भरोसा दिलाया। आरोपी ने झांसे में लेकर बुजुर्ग से उनके एटीएम कार्ड का नंबर हासिल कर लिया और उनके मोबाइल पर एक संदिग्ध लिंक भेजी। इसके बाद ठग ने दोबारा फोन कर कहा कि कार्ड बनने की प्रक्रिया जारी है और सत्यापन के लिए भेजी गई लिंक में पिन नंबर दर्ज करना होगा। आरोपी ने बुजुर्ग का विश्वास जीतने के लिए यह हिदायत भी दी कि वे अपना पिन किसी को न बताएं। शातिर ठग के बहकावे में आकर पीड़ित ने भेजी गई लिंक में अपना गोपनीय पिन नंबर दर्ज कर दिया। इसके बाद आरोपी ने कहा कि आपका सीनियर सिटीजन कार्ड बनकर तैयार हो चुका है, जो आपके व्हाट्सएप पर भेज दिया जाएगा और इतना कहकर फोन काट दिया। जब फरियादी ने अपना व्हाट्सएप चेक किया तो वहां कोई कार्ड नहीं मिला, बल्कि कुछ ही पलों में उनके मोबाइल पर बैंक से खाते से 3 लाख रुपये कटने का मैसेज आ गया। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत पुलिस की शरण ली।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 1 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें



