विधानसभा तीन के वार्ड क्रमांक 63 के अंतर्गत आने वाले स्नेह नगर क्षेत्र में वार्ड के पार्षद कार्यालय वाले बगीचे में यूरोपीय पद्धति योजना के अन्तर्गत लाखों रुपए खर्चकर लंबे समय से बड़े बगीचे को सजाने – संवारने का कार्य किया जा रहा है। जिसके तहत अब यहां क्षेत्रीय रहवासियों की मांग पर सामाजिक संस्थाओं और आमजन के सहयोग से आधुनिक सुविधाओं वाला योगा शेड का निर्माण किया जाएगा। जिसका फायदा क्षेत्र के हजारों रहवासी परिवारों को भविष्य में मिलेगा। इसके अलावा क्षेत्रीय पार्षद मृदुल अग्रवाल के मुताबिक लाखों रुपए खर्चकर निगम सहयोग से सालों पुराने इस लंबे – चौड़े बगीचे में रहवासियों की सुविधा के लिए आकर्षक लंबा -चौड़ा वाकिंग ट्रेक बनाया गया है। इसके साथ ही हरियाली के लिए बगीचे में सैकड़ों आकर्षक ग्रीनरी वाले पेड़ – पौधों को लगाने का अभियान लगातार बारिश के सीजन में चलाया गया।
शहीदों की याद में बनाएंगे छोटा बगीचा
वहीं अब सामाजिक संस्थाओं की मदद और क्षेत्र के आमजन के सहयोग से यहां आने वाले दिनों में दीपावली के बाद खाली जगह में आपसी सहमति से भव्य आकर्षक योगा शेड का निर्माण किया जाना प्रस्तावित किया गया है। जिसको लेकर प्लानिंग के साथ तैयारियां भी शुरू हो गई है। इसके अलावा यहां कुछ साल पहले बेलेश्वर मंदिर हादसें में जो लोग शहीद हो गए थे उनकी याद में उनके परिजनों और रहवासियों के साथ मिलकर उनके नाम के पौधें लगाकर छोटा सा बगीचा भी तैयार किया जाएगा। खास बात यह होगी कि शहीदों की याद में लगाए जाने वाले पौधों और तैयार होने वाले बगीचे की देखभाल उनके परिजन और क्षेत्र के रहवासी मिलकर करेंगे। वहीं वार्ड 63 के पार्षद मृदुल अग्रवाल ने बताया हमारे वार्ड में स्नेह नगर का बगीचा सबसे बड़ा बगीचा है। जहां हजारों की संख्या में पेड़ – पौधे लगे है। इतने बड़े बगीचे में पानी के संकट के कारण पेड़ पौधों को पानी की कमी ना हो इसके लिए हमने पहले से यहां इस लंबे – चौड़े बगीचे में आजादनगर से स्नेहनगर तक दो से तीन किमी लंबी ट्रीटेड वॉटर की लाइन डाल रखी है। जिससे बोरिंग सूखने और जल संकट के समय भी इससे क्षेत्र के बगीचे में पानी की कमी नहीं आने दी जाएगी। यही नहीं वार्ड के दर्जन भर से ज्यादा बगीचों में हमने पहले से ट्रीटेड वॉटर की लाइन बिछा रखी है। जिससे बोरिंग और पीने का पानी का उपयोग गार्डन में पेड़ पौधों की प्यास बुझाने में उपयोग नहीं किया जाएगा बल्कि पहले से डाली गई लंबी- चौड़ी लाइन से यहां बगीचों में पेड़-पौधों की प्यास बुझाने के लिए उपयोग किया जा रहा है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 25 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




