नई दिल्ली। युवा आर्चर कुमकुम मोहोद और पहलवान सुजीत कलकल को एशियन गेम्स 2026 का बेस्ट खिलाड़ी चुना गया है। कुमकुम ने महिलाओं की कैटेगरी में सबसे अच्छा प्रदर्शन करते हुए जसपाल राणा अवॉर्ड अपने नाम किया। वहीं, सुजीत कलकल को राजा रणधीर सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। ये दोनों खिलाड़ी भारतीय ओलंपिक संघ के पहले ‘जसपाल राणा पुरस्कार और राजा रणधीर सिंह पुरस्कार’ के विजेता हैं। आईओए ने एशियाई खेलों की सर्वश्रेष्ठ महिला और पुरुष खिलाड़ी को सम्मानित करने के लिए इन पुरस्कारों की शुरुआत की है। इस साल की शुरुआत में भारतीय खेल जगत के दो दिग्गजों का निधन हो गया था और उनकी विरासत को सम्मान देने के लिए ये पुरस्कार शुरू किए गए हैं।
कुमकुम ने जीते 3 मेडल— सत्रह
वर्षीय कुमकुम ने अपने पहले एशियाई खेलों में 3 पदक जीते जिनमें 2 स्वर्ण शामिल हैं। उन्होंने महिला रिकर्व तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई। आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने कुमकुम की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा, 'कुमकुम का जसपाल राणा पुरस्कार की पहली विजेता बनना बिलकुल सही है क्योंकि जसपाल ने भी 1994 एशियाई खेलों में एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी के रूप में अपने करियर की शानदार शुरुआत की थी। दबाव में कुमकुम का धैर्य और मुश्किल परिस्थितियों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की क्षमता भारतीय तीरंदाजी के लिए बेहद उम्मीद जगाती है। भारत के तीरंदाज एक दशक से अधिक समय से सफलता के करीब पहुंच रहे थे और मुझे भरोसा है कि कुमकुम और उनकी रिकर्व टीम की साथियों के इस प्रदर्शन ने भारतीय तीरंदाजी के लिए लंबे समय से चली आ रही बाधा को तोड़ दिया है। पेरिस ओलंपिक में भारत इस खेल में अपना पहला पदक जीतने के बेहद करीब पहुंचा था। मुझे पूरा विश्वास है कि लॉस एंजिलिस ओलंपिक में यह आखिरी बाधा भी पार हो जाएगी।
सालों तक होगी सुजीत की
चर्चा—पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले कलकल को पहले राजा रणधीर सिंह पुरस्कार के लिए चुना गया। कलकल के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए उषा ने कहा, कुश्ती भारत का खेल है और सुजीत के प्रदर्शन की चर्चा वर्षों तक होती रहेगी। स्वर्ण पदक का जश्न तो मनाया जाएगा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 5 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 11 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




