मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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स्पंटँर्स साक्षी के कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड में विराट कोहली का भी योगदान

बार-बार चोटिल हो रहे गिल 2 साल में सातवीं बार हुए बाहर प्रायोजक बनने के साथ मानसिक रूप से भी किया मजबूत

नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए सबसे बड़ा कमाल बॉक्सरों ने किया। 7 गोल्ड समेत बॉक्सिंग में 10 मेडल मिले। गोल्ड जीतने वालों में साक्षी चौधरी का भी नाम शामिल था। साक्षी ने महिला की 51 किग्रो कैटगरी में अपने नाम गोल्ड किया। भारत लौटने के बाद साक्षी ने बताया कि विराट कोहली का उनके जर्नी में अहम रोल रहा है और उन्होंने विराट को थैंक्यू भी

हरियाणा के भिवानी में साक्षी चौधरी ने कहा, मैंने विजेंदर सिंह को देखकर

कोहली ने भी मेरे इस सफर में मेरा बहुत साथ दिया है। वे मेरे स्पॉन्सर रहे हैं और मैं उनका भी शुक्रिया अदा करना कहा।

बॉक्सिंग शुरू की। विराट

चाहती हूं। उन्होंने बताया कि कोहली सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने मानसिक रूप से भी उनका हौसला बढ़ाया। साक्षी के अनुसार विराट ने उन्हें हमेशा दबाव से दूर रहने और सिर्फ अपने प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।

ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला 51 किलोग्राम कैटेगरी के फाइनल में साक्षी ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5- 0 से एकतरफा हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका पहला मेडल था। 2022 में इंजरी की वजह से वह गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं। 2025 में 54 किग्रा कैटेगरी में उन्होंने वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में गोल्ड जीता था। इसी साल की शुरुआती में साक्षी ने 54 की जगह 51 किग्रा कैटेगरी में उतरने का फैसला किया। यह जोखिम भरा फैसला था लेकिन साक्षी ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। 51 किलोग्राम कैटेगरी के नेशनल ट्रायल्स में, उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट निखत जरीन और 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप की गोल्ड मेडलिस्ट मीनाक्षी हुड्डा को हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई। कॉमनवेल्थ गेम्स में साक्षी चौधरी ने चार मुकाबले खेले और चारों को एकतरफा अंदाज में 5-0 से अपने नाम किया। नई दिल्ली। भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट सीरीज शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं और प्रैक्टिस मैच में शुभमन गिल की उंगलियों में चोट लग गई है। पहले दिन वे मैदान पर नहीं दिखे। भारतीय क्रिकेट टीम पहले ही हर्षित राणा, वाशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह और नीतीश कुमार रेड्डी को चोट के कारण पीछे छोड़ आई है और अब शुभमन गिल भी चोटिल हो गए हैं। कप्तान की चोट अगर लंबी खिंचती है तो भारत के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

शुभमन गिल पिछले दो सालों में पहली बार चोटिल नहीं हुए हैं। वे 7 बार इंजर्ड हो चुके हैं और कई बार उन्हें महीने भर के लिए भी क्रिकेट की फील्ड से बाहर रहना पड़ा है। टेस्ट मैच से पहले गिल दो बार चोटिल हो चुके हैं। कई मैचों के दौरान उन्हें चोट लगी है। आईपीएल के मुकाबले में भी उनकी नस खिंचने की समस्या सामने आई थी। शुभमन गिल को 2024 में जब न्यूजीलैंड तीन मैचों की सीरीज खेलने भारतीय सरजमीं पर आई थी तब भी पहले मैच में गर्दन में अकड़न के कारण बाहर होना पड़ा था। इसके बाद जब भारत बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलने गया था तो पर्थ मैच से पहले शुभमन गिल के अंगूठे में चोट लग गई थी, जिसके कारण उन्हें मैच से बाहर होना पड़ा था। इस मुकाबले में विराट कोहली ने शतक लगाया था जो उनका आखिरी टेस्ट शतक था।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 8 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 11 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें