मुंबई। आईपीएल 2027 से पहले मुंबई इंडियंस की टीम में नए कप्तान को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि हार्दिक पांड्या की टीम से छुट्टी तय है और रोहित शर्मा को दोबारा टीम की कप्तानी सौंपी जा सकती है। हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन मुंबई इंडियंस की एक पोस्ट में रोहित को कप्तानी मिलने के दावे को मजबूती मिली है। रोहित के अलावा पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव का दावा भी मजबूत माना जा रहा है।
रोहित शर्मा मुंबई इंडियंस के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। उनकी अगुवाई में टीम ने 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में आईपीएल का खिताब जीता था। उनकी कप्तानी में ही मुंबई ने लीग की सबसे सफल टीमों के रूप में अपनी पहचान बनाई। पोलार्ड और रोहित बहुत अच्छे दोस्त हैं। रोहित की कप्तानी में पोलार्ड लंबे समय तक टीम का हिस्सा रहे। ऐसे में वह हेड कोच बनने के बाद दोबारा अपने दोस्त को कप्तान बना सकते हैं।
2024 में कप्तान बने थे हार्दिक
आईपीएल 2024 से पहले फ्रेंचाइजी ने कप्तानी में बदलाव करते हुए हार्दिक पांड्या को नया कप्तान बनाया था। इसके बाद से रोहित की भूमिका और टीम के नेतृत्व को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। अब आईपीएल 2027 से पहले एक बार फिर रोहित की कप्तानी में वापसी की अटकलें लगाई जा रही हैं। मुंबई इंडियंस के अगले सीजन की रणनीति में हार्दिक पांड्या की भूमिका भी अहम होगी। कप्तानी में बदलाव की चर्चाओं के बीच उनके भविष्य को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आई हैं। हालांकि, हार्दिक के टीम छोड़ने या किसी दूसरी फ्रेंचाइजी में जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा भी विकल्प
कप्तानी की चर्चा में सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा के नाम भी सामने आते रहे हैं। सूर्यकुमार को कप्तानी का अनुभव है, जबकि तिलक को भविष्य के नेतृत्व विकल्प के तौर पर देखा जा सकता है। ऐसे में मुंबई इंडियंस के सामने अनुभवी कप्तान के साथ आगे बढ़ने या नए नेतृत्व को तैयार करने के विकल्प मौजूद हैं। मुंबई इंडियंस ने 24 अक्टूबर को किरोन पोलार्ड को मुख्य कोच नियुक्त किया है। महेला जयवर्धने के जाने के बाद कोचिंग में हुए इस बदलाव से आईपीएल 2027 के लिए टीम की तैयारी का नया अध्याय शुरू हो गया है। हालांकि, कोच बदलने का मतलब कप्तान बदलना नहीं है और रोहित की कप्तानी पर अभी कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 25 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें





