नई दिल्ली। इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट के छोटे भाई बिली रूट ने 34 साल की उम्र में पेशेवर क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में एक अहम अध्याय का अंत हो गया है। ग्लैमर्गन क्लब की ओर से खेलने वाले बिली रूट उन तीन प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं, जिनका पेशेवर सफर इस हफ्ते समाप्त हो रहा है। उनके अलावा टीम के साथी खिलाड़ी क्रिस कुक और कॉलिन इनग्राम भी पेशेवर क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं।
14 साल लंबे करियर को किया खत्म- अपने
अंतिम काउंटी सीजन के दौरान बिली रूट को मैदान पर सीमित अवसर मिले, जहां उन्होंने काउंटी चैंपियनशिप के महज दो मुकाबलों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने ज्यादातर समय ग्लैमर्गन की सेकेंड इलेवन टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली और युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया। अपने 14 साल लंबे करियर में कई उतार-चढ़ाव देखने के बाद उन्होंने आखिरकार खेल के मैदान को अलविदा कहने का मन बना लिया।
सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट-सोशल
मीडिया पर अपने संन्यास का ऐलान करते हुए 34 वर्षीय इस बल्लेबाज ने जीवन में एक नए दौर की शुरुआत के संकेत दिए। अपने पेशेवर सफर को याद करते हुए उन्होंने भावुक संदेश में लिखा, जीवन के अगले अध्याय में कदम रखने का यह सही समय है। दो महान क्लबों का प्रतिनिधित्व करना और चार ट्रॉफी जीतों का हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात रही है। बचपन से जिस खेल से मुझे प्यार रहा, उसे अपना करियर बनाने का मौका मिलना मेरे लिए बेहद सौभाग्य की बात है। शानदार रहा करियर- बिली रूट ने अपने पेशेवर करियर का आगाज नॉटिंघमशायर क्लब से किया था, जिससे पहले उन्होंने लीड्स बेकेट यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। साल 2017 में नॉटिंघमशायर के लिए खेलते हुए वह उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा थे जिसने व्हाइट- बॉल क्रिकेट में दोहरा खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद 2019 में वे ग्लैमर्गन क्लब से जुड़े, जहां उन्होंने दो बार वन-डे कप का खिताब जीता। पिछले सीजन में ग्लैमर्गन को काउंटी चैंपियनशिप के डिवीजन वन में जगह दिलाने में भी उनकी अहम भूमिका रही थी। दोनों भाइयों के शुरुआती दिनों की बात करें तो जो रूट और बिली रूट ने अपने बचपन का क्रिकेट शेफील्ड कॉलेजिएट क्रिकेट क्लब से खेलना शुरू किया था। एक बेहद दिलचस्प वाक्या साल 2013 का है जब लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान दोनों भाई एक साथ मैदान पर दिखे थे। उस समय एमसीसी यंग क्रिकेटर्स का हिस्सा रहे बिली रूट को इंग्लैंड टीम का 12वां खिलाड़ी चुना गया था और उस वक्त उनके बड़े भाई जो रूट मैदान पर खेल रहे थे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 24 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 11 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




