इंदौर। हॉकी के जादूगर दादा ध्यानचंद की याद में देश खेल दिवस मनाता है। यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि दादा ध्यानचंद का प्रकाश क्लब से विशेष स्नेह रहा। उनके पुत्र और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान अशोक ध्यानचंद भी यहां खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे चुके हैं। दादा के साथ हॉकी खेले पद्मश्री किशन लाल और पद्मश्री शंकर लक्ष्मण भी क्लब से जुड़े रहे। यह समृद्धशाली विरासत हमें कड़ी मेहनत करने और भारतीय टीम की अपने खेल से सेवा करने के लिए प्रेरित करती है। उक्त विचार खेल दिवस के अवसर पर प्रदेश में हॉकी की सबसे पुरानी नर्सरी कहलाने वाले प्रकाश क्लब में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और क्लब अध्यक्ष तुलसीराम सिलावट ने व्यक्त किए। विशेष अतिथि स्थानीय विधायक महेंद्र हार्डिया ने कहा कि वह दौर भी आसान नहीं था, लेकिन मेजर ध्यानचंद ने अपनी मेहनत से न सिर्फ अपना नाम कमाया, बल्कि देश का नाम भी रोशन किया। अब यह जिम्मेदारी आपके कंधों पर है। क्लब सचिव देवकीनंदन सिलावट ने बताया कि 121वीं जयंती पर दादा ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण के बाद हॉकी का अभ्यास करने वाले 121 खिलाड़ियों को छाता वितरित किया गया।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 30 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 11 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




