लंदन। महिला वनडे फॉर्मेट में इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम ने एक सितंबर को लीसेस्टर के मैदान पर आयरलैंड के खिलाफ घर पर तीन मैचों की द्विपक्षीय वनडे सीरीज का पहला मुकाबला खेला जिसमें वह अपने वनडे इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज करने में कामयाब रही। आयरलैंड की टीम ने सीरीज के इस पहले मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर्स में 5 विकेट के नुकसान पर 281 रन बनाए थे, जिसमें इंग्लैंड महिला टीम ने इस टारगेट का पीछा सिर्फ 38.1 ओवर्स में 4 विकेट के नुकसान पर कर लिया। इंग्लैंड को इस ऐतिहासिक जीत दिलाने में उनकी ओपनिंग बल्लेबाज माया बाउचियर ने अहम भूमिका निभाई जिन्होंने 104 रनों की शानदार पारी खेली तो वहीं इसके अलावा सोफिया डंकले के बल्ले से 73 रनों की पारी देखने को मिली। इंग्लैंड महिला टीम का इससे पहले वनडे फॉर्मेट में सबसे बड़ा रन चेज 267 रनों का था जब उन्होंने साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया महिला टीम के खिलाफ ब्रिस्टल के मैदान पर खेले गए मुकाबले में 2 विकेट से जीत हासिल की थी। वहीं कार्यवाहक कप्तान चार्ली डीन के नेतृत्व में उन्होंने अपने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। महिला वनडे फॉर्मेट में रन चेज के मामले में यह अब तक की 7वीं सबसे बड़ी जीत है, जिसमें इस लिस्ट में पहले नंबर पर न्यूजीलैंड महिला टीम है जिन्होंने साल 2026 में ही साउथ अप्रीका महिला टीम के खिलाफ 347 रनों के टारगेट का सफलतापूर्वक पीछा किया था।
आयरलैंड महिला टीम के खिलाफ इंग्लैंड की तरफ से पहले वनडे में टॉप ऑर्डर में बदलाव देखने को मिला जिसमें हीथर नाइट टैमी ब्यूमोंट के रिटायरमेंट के बाद और इस एमी जोन्स को इस सीरीज से आराम दिए जाने के फैसले के बाद काफी बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला। युवा ओपनिंग बल्लेबाज माया बाउचियर ने अपनी 104 रनों की पारी के दौरान 95 गेंदों का सामना किया जिसमें वह 11 चौके लगाने में कामयाब रही। वहीं विकेटकीपर बल्लेबाज एलिस केप्सी के बल्ले से भी 40 गेंदों में 41 रनों नाबाद पारी देखने को मिली जिसमें वह टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाकर ही वापस लौटी। अब दोनों टीमों के बीच में इस सीरीज का दूसरा मुकाबला डर्बी के मैदान पर तीन सितंबर को खेला जाएगा। नई दिल्ली। भारतीय टीम 13 सितंबर से अफगानिस्तान के खिलाफ टी-20आई सीरीज में एक्शन में नजर आएगी। इससे पहले टीम इंडिया जुलाई में जिम्बाब्वे की धरती पर टी-20आई सीरीज खेलती नजर आई थी। जिम्बाब्वे दौरे पर युवा और नए चेहरों को मौका देने के बाद टीम इंडिया ने एक बार फिर अपनी रणनीति बदल दी है। अफगानिस्तान के खिलाफ इसी महीने होने वाली तीन मैचों की टी-20आई सीरीज के लिए सिलेक्टर्स ने मजबूत टीम चुनी है, जिसमें संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह की वापसी हुई है। वहीं, जिम्बाब्वे दौरे पर टीम का हिस्सा रहे 8 खिलाड़ियों को इस बार बाहर कर दिया गया है। इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ लगातार हार के बाद भारत ने जिम्बाब्वे दौरे पर कई युवा खिलाड़ियों को आजमाया था। हालांकि, अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज के लिए सिलेक्टर्स ने फिर से अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है।
इस टीम में सबसे ज्यादा चर्चा संजू सैमसन की वापसी की हो रही है। जिम्बाब्वे दौरे के लिए उन्हें नहीं चुना गया था। उस समय खबरें आई थीं कि उन्हें आराम दिया गया है, लेकिन उनके चयन से बाहर होने पर कई सवाल भी उठे थे। अब सैमसन की वापसी के साथ भारतीय टीम के सामने ओपनिंग को लेकर मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। जसप्रीत बुमराह भी मार्च के बाद पहली बार टी-20आई टीम में लौटे हैं। हालांकि, उनका खेलना बीसीसीआई की मेडिकल टीम से फिटनेस मंजूरी मिलने पर निर्भर करेगा। इसके अलावा अक्षर पटेल की भी वापसी हुई है। उन्हें जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था।
8 खिलाड़ियों को किया गया बाहर—
अफगानिस्तान सीरीज के लिए संजू सैमसन, नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा टीम का हिस्सा बने हैं। वहीं, जिम्बाब्वे दौरे की टीम में शामिल सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा, मयंक यादव और प्रभसिमरन सिंह को बाहर कर दिया गया है। रिंकू सिंह का बाहर होना सबसे चौंकाने वाले फैसलों में से एक माना जा रहा है। साल 2024 में भारत की ऊ20 वर्ल्ड कप जीत का हिस्सा रहे रिंकू लगातार टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वहीं, युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव को भी इस बार मौका नहीं मिला है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 2 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 11 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




