नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने बीसीसीआई की क्रिकेट एडवाइजरी कमेटी (सीएसी) को लेकर बड़ा सुझाव दिया है। उनका मानना है कि सीएसी का काम सिर्फ कोच और चयनकर्ताओं की नियुक्ति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भारतीय क्रिकेट से जुड़े दूसरे अहम मामलों पर भी इस कमेटी की भूमिका होनी चाहिए। गावस्कर का यह बयान दलीप ट्रॉफी के फाइनल के बाद आया है। फाइनल में ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन की टीम ने पहली पारी की बढ़त के आधार पर खिताब अपने नाम किया था। गावस्कर पहले भी दलीप ट्रॉफी में इस नियम को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। वर्तमान समय में अशोक मल्होत्रा, जतिन परांजपे और सुलक्षणा नाइक तीन सदस्यीय सीएसी का हिस्सा हैं। इनकी नियुक्ति 2022 में की गई थी। इस कमेटी का मुख्ट काम हेड कोच और चयनकर्ताओं पद के लिए आए आवेदकों का इंटरव्यू करना और उनका चयन करना है।
सीएसी का दायरा बढ़ाने
की जरूरत- सुनील गावस्कर ने अपने कॉलम में लिखा कि बीसीसीआई में अब चयन समितियों और सीएसी के अलावा ज्यादा कमेटियां नहीं हैं। ऐसे में सीएसी की जिम्मेदारियों को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने अपने कॉलम में लिखा, बीसीसीआई में सिलेक्शन कमेटियों और सीएसी के अलावा कोई दूसरी कमेटियां नहीं हैं। शायद अब समय आ गया है कि सीएसी का दायरा बढ़ाया जाए और उसे कोच व चयनकर्ताओं को चुनने के साथ-साथ घरेलू और इंटरनेशनल मैचों के शेड्यूल और भारतीय क्रिकेट से जुड़ी सभी चीजों पर ध्यान देने की जिम्मेदारी भी दी जाए। कुछ बहुत अनुभवी पूर्व क्रिकेटर हैं जिनकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल इस कमेटी में किया जा सकता है।'
दिग्गज नामों के सुझाव भी
दिए— टेस्ट क्रिकेट में 10000 हजार रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इसके लिए भारत के कई महान पूर्व क्रिकेटरों के नाम भी सुझाए हैं। उन्होंने लिखा- सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली, रवि शास्त्री, अनिल कुंबले, हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग जैसे नामों के बारे में क्या ख्याल है? प्रेसिडेंट और सेक्रेटरी भी वहां मौजूद रहेंगे।
सुनील गावस्कर का मानना है कि अगर ऐसे अनुभवी खिलाड़ियों को सीएसी में शामिल किया जाता है, तो भारतीय क्रिकेट को इसका काफी फायदा मिल सकता है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 15 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




