एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने बताया कि तृप्ता अरोरा विमानतल विभाग में पदस्थ थी अभी वे दिल्ली में हैं और ग्राम कोड़ियाबड़ी में 5 हजार फीट की रजिस्ट्री का प्लाट उन्होंने लिया था और रजिस्ट्री में उनका नाम प्रीतमसिंह अरोरा पति बीएम अरोरा हो गया था। खसरे में और ऋण पुस्तिका में भी यही नाम चढ़ा, जब ध्यान गया तो सुधार के खातिर आम मुख्तयार नियुक्त किया गया। आम मुख्तयार को जब जानकारी मिली कि प्रितम सिंह नकली बनाकर किसी राजेश पिता मोतीसिंह चंदेल ने 2013 की नोटरी का नकली आम मुख्तयार बनाया फिर इससे अपने नाम पर ग्राम पंचायत नैनोद में संपतिकर का खाता खुलवा लिया और फिर इस रसीद से सन् 2024 में रजिस्ट्री बहादुर सिंह पिता गब्बुसिह को कर दी गई है। बहादुर सिंह अब जब इस संपत्ति को अन्य के नाम बेचने जा रहे हैं तो फिर पूरा मामला सामने आया जो संपत्ति का नकली पावर बनाकर ग्राम पंचायत से रसीद कटवाने की बात की जा रही तो पावर तो मालिकाना हक नहीं देता, नोटरी पावर मप्र में 2006 से प्रतिबंधित है तो और अच्छा ग्राम पंचायत आबादी की रसीद काट सकती है उसने कृषि भूमि की रसीद कैसे काटी तथा उपपंजीयक नीता तंवर ने रजिस्ट्री कैसे की। कुल मिलाकर अब इस नकली रजिस्ट्री आधार पर ग्राम पंचायत नैनोद तथा उपपंजीयक नीता तंवर एवं बहादुर सिंह तथा राजेश चन्देल आदि के खिलाफ पुलिस एवं जिला प्रशासन को शिकायत की गई है। सेवा प्रदाता ऐश्वर्या गोस्वामी खिलाफ भी शिकायत हुई है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 21 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




