मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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दूसरे टेस्ट में पिच में फेरबदल करने की तैयारी कर रहा लंकाई बोर्ड

पहले टेस्ट में हार से डरी लंकाई टीम

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने मेजबान श्रीलंका को पहले टेस्ट में आसानी से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है। अब रविवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट पर हर किसी की नजर है। खासकर इस मैच में पिच कैसी रहेगी यह देखना दिलचस्प होगा। दूसरे टेस्ट के लिए सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब (एसएससी) का विकेट गॉल की पिच जैसा हो सकता है जहां बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को बराबर मौके मिले थे।

दूसरे टेस्ट में भी नहीं मिलेगी स्पिन वाली पिच?

पहला टेस्ट भारत ने पांचवें और अंतिम दिन 165 रन से जीता था। इस दौरान पिच पर प्राकृतिक टूट-फूट के अलावा ऐसी कोई विशेष परेशानी नहीं थी जिससे बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पैदा हो। श्रीलंकाई अधिकारियों का मानना है कि 23 अगस्त से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए जरूरत से ज्यादा स्पिन की मददगार पिच तैयार करना उलटा पड़ सकता है।

पिच को लेकर क्या बोले अधिकारी

श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, फिलहाल सोच यही है कि गॉल जैसी संतुलित पिच तैयार की जाए। श्रीलंका के पास चांडी (दिनेश चांदीमल), कुसाल (मेंडिस) और (पथुम) निसांका जैसे कुछ अनुभवी खिलाड़ी भी नहीं हैं इसलिए हमें अपने युवा बल्लेबाजों को भी मौका देना होगा।

उन्होंने कहा, बेशक अंत में यह इस बात पर निर्भर करेगा कि टीम मैच के लिए क्या चाहती है, यानी ऐसा विकेट जो उसे जीतने और सीरीज बराबर करने का सबसे अच्छा मौका दे।

श्रीलंका का था इस पिच

बदल गया।

पर दबदबा

साल 2000 के दशक में एसएससी की पिचों पर बल्लेबाजों का दबदबा रहता था और यह मैदान घरेलू टीम का एक तरह का गढ़ माना जाता था। श्रीलंका ने 1999 से 2009 के बीच इस मैदान पर 12 टेस्ट खेले, जिनमें से छह में जीत दर्ज की और बाकी छह मुकाबले ड्रॉ रहे। रणनीति सरल थी। कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने जैसे बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलते थे जबकि महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन की अगुआई में सक्षम स्पिन आक्रमण विपक्षी टीम पर शिकंजा कसता था। लेकिन इन दिग्गजों के संन्यास लेने के बाद पिच का मिजाज भी

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 21 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें