नगर निगम की डीम्ड भवन अनुज्ञा व्यवस्था, जिसे छोटे प्लॉट धारकों के लिए आसान और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, अब सवालों के घेरे में है। निगम की जांच में 350 से अधिक डीम्ड नक्शों में गड़बड़ी सामने आने की बात कही जा रही है। आरोप है कि कुछ मामलों में नक्शे में निर्माण का क्षेत्रफल कम दर्शाकर कम फीस जमा की गई, जबकि मौके पर उससे ज्यादा निर्माण पाया गया। इससे निगम को राजस्व नुकसान होने की आशंका है।
मामले में कार्रवाई भी तेज हो गई है। निगम अब तक 11 आर्किटेक्ट के लाइसेंस निरस्त कर चुका है। वहीं तीन अन्य आर्किटेक्ट की जांच पूरी हो चुकी है। इनमें से एक का लाइसेंस निरस्त करने संबंधी प्रस्ताव निगम आयुक्त की टेबल तक पहुंच गया है। आयुक्त की मंजूरी के बाद इस मामले में भी कार्रवाई हो सकती है।
ऑनलाइन सिस्टम बना आसान रास्ता
डीम्ड नक्शों की व्यवस्था का उद्देश्य यह था कि छोटे प्लॉट पर भवन निर्माण की अनुमति लेने के लिए लोगों को भवन अनुज्ञा शाखा के चक्कर न लगाने पड़ें। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण नक्शे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीधे स्वीकृत होते हैं। निगम की जांच के अनुसार, इसी ऑनलाइन प्रक्रिया का कुछ मामलों में कथित तौर पर गलत फायदा उठाया गया। नक्शे में कम एरिया दर्शाकर शुल्क कम जमा कराया गया, जबकि निरीक्षण में मौके पर अधिक निर्माण पाया गया। अब निगम ऐसे मामलों में वास्तविक निर्माण क्षेत्र के आधार पर शुल्क, पेनल्टी और अन्य देय राशि की वसूली की तैयारी कर रहा है।
350 नक्शों की जांच ने बढ़ाई चिंता
भवन अनुज्ञा शाखा की जांच जैसे- जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे मामलों की संख्या भी सामने आ रही है। निगम अधिकारियों का कहना है कि जिन मामलों में स्वीकृत नक्शे और मौके के निर्माण में अंतर पाया गया है, उनमें नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। भवन अनुज्ञा शाखा के इंजीनियर सत्येंद्र राजपूत के मुताबिक, जांच में कम एरिया दर्शाकर स्वीकृति लेने और मौके पर अधिक निर्माण मिलने वाले मामलों में पेनल्टी जमा कराई जाएगी। नियमों के उल्लंघन की गंभीरता के आधार पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
अब डीम्ड व्यवस्था पर भी नजर
डीम्ड मानचित्र स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर रहा है। भवन अनुज्ञा शाखा में विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। साथ ही निगम इस बात पर भी विधिक राय ले रहा है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ किस तरह प्रभावी कार्रवाई की जाए।
जांच में क्या सामने आया?
350± डीम्ड नक्शे जांच के दायरे में 11 आर्किटेक्ट के लाइसेंस निरस्त 3 आर्किटेक्ट की जांच पूरी 1 लाइसेंस निरस्ती की फाइल आयुक्त के पास मामला सामने आने के बाद निगम। कम फीस जमा कराने के मामलों की जांचज्यादा निर्माण मिलने पर पेनल्टी की तैयारी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 6 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 5 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




