न्यू चंडीगढ़। भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज के तीसरे मुकाबले में टीम इंडिया को 5 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, भारत ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की, लेकिन कप्तान गिल टीम के इस प्रदर्शन से खुश नजर नहीं आए। उन्होंने डेथ ओवर में खराब गेंदबाजी और घटिया फील्डिंग पर नाराजगी जाहिर की। टीम के खिलाड़ियों को साफ संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि विश्व कप से पहले इस तरह की फील्डिंग से काम नहीं चलेगा और एक टीम के रूप में सभी को इस कमजोरी पर काम करना होगा। तीसरे वनडे में हार की वजह पर बात करते हुए गिल ने कहा कि भारत ने 351 रन का अच्छा स्कोर बनाया था, लेकिन आखिरी 4 ओवर में धीमे ओवर रेट के कारण उन्हें एक फील्डर अंदर रखना पड़ा। रात के समय ओस भी आ गई थी। यही उनकी टीम की हार का कारण बना। वेस्टइंडीज को जीत के लिए आखिरी 4 ओवर में 44 रन चाहिए थे। इसके बाद एक अतिरिक्त फील्डर अंदर आया और वेस्टइंडीज ने अगली 14 गेंदों में मैच जीत लिया। हालांकि, गिल ने यह भी कहा कि इस सीरीज में भारत ने कई पहलुओं पर काम किया। इनमें नीतीश रेड्डी और नमन धीर का अच्छा प्रदर्शन शामिल है।
कप्तान गिल का बयान— कप्तान
गिल ने कहा, 'बहुत सारे बॉक्स टिक हो गए। मुझे लगता है कि अभी भी कुछ एरिया हैं, जिनमें काम करने की जरूरत है। मैं टोटल से बहुत खुश था। मुझे लगता है कि गेम कंट्रोल में था। लेकिन इस ड्यू और फिर आखिरी 4 ओवर पीछे होने के कारण उन्होंने गेम हमसे छीन लिया। अगर हमारा एक फील्डर कम नहीं किए गया होता, तो गेम शायद लास्ट ओवर तक जाता। कुलदीप को देर से गेंदबाजी में लाने के सवाल पर उन्होंने कहा, हमें नहीं पता था कि गुरनूर अपने क्रैम्प्स के साथ वापस आकर बॉलिंग करेगा या नहीं। इसलिए वहां थोड़ी अनिश्चितिता थी। हम जानते थे कि मैच आखिर तक जाएगा और, वह एक विकेट- टेकर हैं और मैं चाहता था कि आखिर में उनके कुछ ओवर हों। भारतीय टीम की तैयारियों पर कप्तान गिल ने कहा, मैं कहूंगा कि मैं काफी खुश हूं, लेकिन जैसा मैंने कहा, मुझे लगता है कि अभी भी कुछ एरिया हैं। हमारी फील्डिंग बहुत बेहतर हो सकती थी। कुल मिलाकर, मुझे लगता है कि सीरीज में हमने लगभग 6 या 7 कैच छोड़े, जो वर्ल्ड कप से पहले अच्छा संकेत नहीं है। आप चाहते हैं कि आपकी फील्डिंग बेहतरीन हो। हमें डेथ बॉलिंग में काम करने की जरूरत है। मुझे लगता है, कभी-कभी हम सच में क्लियर नहीं होते कि हम अटैक कर रहे हैं या डिफेंड कर रहे हैं, खासकर जब हम डेथ ओवर्स में बॉलिंग कर रहे होते हैं। अगर विरोधी टीम 5 या 6 रन पीछे है, तो आप कभी भी पक्का नहीं होते कि कौन सी फील्ड लेनी है, क्या हम डेथ ओवर्स में बहुत जल्दी जा रहे हैं या हम अभी भी मिडिल ओवर्स की तरह बॉलिंग कर रहे हैं। मुझे लगता है कि ये कुछ ऐसे एरिया हैं, जिनमें हमें निश्चित रूप से बेहतर होने की जरूरत है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 4 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 11 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




