नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क टेस्ट क्रिकेट में एक और नया इतिहास रचने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। लगातार अपनी घातक गेंदबाजी से दुनियाभर के बल्लेबाजों को खौफ में रखने वाले इस तेज गेंदबाज के पास आगामी टेस्ट सीरीज में दिग्गजों के क्लब में शामिल होने का सुनहरा मौका है। स्टार्क कपिल देव के एक बड़े रिकॉर्ड को भी तोड़ने के बेहद करीब हैं।
कपिल देव की बराबरी के लिए एक विकेट की जरूरत
बांग्लादेश के खिलाफ 13 अगस्त से डार्विन में शुरू होने जा रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज स्टार्क के लिए व्यक्तिगत रूप से बेहद खास रहने वाली है। फिलहाल 105 टेस्ट मैचों में 433 विकेट हासिल कर चुके स्टार्क को भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव (434 विकेट) के सर्वकालिक टेस्ट रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए सिर्फ एक विकेट की दरकार है। वहीं, अगर वे इस दो मैचों की सीरीज में कुल 7 शिकार करने में सफल रहते हैं तो वे दक्षिण अप्रीका के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन (439 विकेट) को भी पछाड़ देंगे।
2011 में किया था टेस्ट डेब्यू
साल 2011 में अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू करने वाले 36 वर्षीय स्टार्क पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक के सबसे मुख्य हथियार रहे हैं। शुरुआती ओवरों में लहराती हुई लेट स्विंग और आखिरी में बल्लेबाजों के पैर उखाड़ने वाली उनकी यॉर्कर गेंदें उनका सबसे बड़ा हथियार रही हैं। अगर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के इतिहास की बात करें तो सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने के मामले में स्टार्क से आगे केवल तीन दिग्गज ही हैं। वे शेन वॉर्न (708 विकेट), नाथन लियोन (567 विकेट) और ग्लेन मैग्रा (563 विकेट) के बाद ऑस्ट्रेलिया के चौथे सबसे सफल गेंदबाज हैं। यह उपलब्धि उनकी निरंतरता और लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सर्वोच्च स्तर पर खुद को फिट रखने की क्षमता को बखूबी दर्शाती है। मौजूदा समय में स्टार्क अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहे हैं। आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र में वे महज 8 मुकाबलों में 46 विकेट चटकाकर सबसे सफल गेंदबाज बने हुए हैं।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 7 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 10 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




