भारतीय खिलाड़ियों, कोचों और हैंडबॉल परिवार की ओर से संगठनात्मक विवाद के शीघ्र समाधान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया और आईओए अध्यक्ष डॉ. पी.टी.उषा से सामूहिक अपील की गई है। भारतीय हैंडबॉल से जुड़े चल रहे संगठनात्मक विवाद के शीघ्र और स्थायी समाधान की मांग हैंडबॉल बिरादरी ने बुनियादी सवाल उठाया है: जब अंतर्राष्ट्रीय हैंडबॉल महासंघ (आईएचएफ) की आधिकारिक वेबसाइट पर 'हैंडबॉल एसोसिएशन इंडिया' (एचएआई) को भारत के सदस्य महासंघ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, और भारतीय टीमें लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग ले रही हैं, तो भारत में यह संगठनात्मक मुद्दा अब तक क्यों नहीं सुलझ पाया है? यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले को लेकर आईएचएफ ने आईओए के साथ पत्र-व्यवहार ब्लास्ट हैंडबॉल किया है।
कोचों ने चिंता व्यक्त की है कि इस तरह की निरंतर संगठनात्मक अनिश्चितता से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की भागीदारी और अंततः भारतीय खिलाड़ियों के खेल करियर व अवसरों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। बिरादरी ने 2026 के एशियाई खेलों का भी हवाला दिया है, जहां एशियाई हैंडबॉल महासंघ आईएचएफ के रिकॉर्ड में भारतीय महिला हैंडबॉल टीम का नाम शामिल था, लेकिन बाद में भारत ने प्रतियोगिता से अपना नाम वापस ले लिया। हैंडबॉल समुदाय का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं खेल के प्रशासन में स्पष्टता और स्थिरता सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित करती हैं। यह अपील स्पष्ट करती है कि खिलाड़ी किसी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ नहीं हैं। अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे सभी संबंधित हितधारकों को एक मंच पर लाएं और जल्द से जल्द इस मामले को हल करें, ताकि भारतीय हैंडबॉल खिलाड़ी खिलाड़ियों और स्पष्टता, गरिमा और किसी भी संगठनात्मक अनिश्चितता के बिना तिरंगे का प्रतिनिधित्व कर सकें। उक्त पूर्ण जानकारी मध्य प्रदेश हैंडबॉल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. हरदीप सिंह रुप्पल ने दी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 29 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 11 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




