बैलगाड़ी द्वारा इन्दौर लाई गई थी। यहाँ जन्माष्टमी महोत्सव प्रतिवर्ष बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इस अवसर पर इन्दौर एवं आसपास के शहरों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्तजन दर्शन कर अपने को धन्य पाते है। माता यशोदा का चमत्कार है कि जिन महिलाओं को संतान नहीं है वे मंदिर में आकर माता की बंद भरती है तो उनके यहाँ संतान प्राप्त होती है। जन्माष्टमी पर्व मंदिर स्थापना से सतत् मनाया जा रहा है। इस वर्ष भी बड़ी धूमधाम से तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जा रहा है। मंदिर में वर्ष में लगातार धार्मिक कार्यक्रम भजन, पूजन, अभिषेक, एवं विशेष अवसरों पर मनमोहक आकर्षक श्रृंगार किया जाता है। जन्माष्टमी के दिन विशेष रूप से सिंघाड़े के आटे को शुद्ध घी में सेककर मेवायुक्त पंजेरी जिसमें सभी मेवों का मिश्रण किया जाता है इसके साथ
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 4 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 9 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






