श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर समर्थ सिटी में विराजित मुनि श्री सम्बुध्द सागर म.सा. ने आर्जव धर्म की विवेचना छोटे छोटे उदाहरण देते हुए बताया कि हम लोग हमारे जीवन में मायाचारी, छल- कपट, भावों की कुटिलता किस प्रकार हर दिन करते हैं। मुनि श्री सिध्दांत सागर म.सा. और मुनि श्री सम्बुध्द सागर म.सा.के मिलन को भी समाजजनों ने देखा।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 19 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 6 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






