न.प्र.)। श्री सौधर्म बृहत्तपोगच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्वेताम्बर श्रीसंघ द्वारा केशरी वाटिका में नित्यसेनसूरिश्वर म.सा. के सान्निध्य में धर्मसभा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर मुनि प्रशमसेन विजय म.सा. ने कल्पसूत्र का वांचन करते हुए श्रद्धालुओं को भगवान महावीर स्वामी के जीवनचरित्र एवं कर्म सिद्धांत का महत्व समझाया।
मीडिया समन्वयक राजेश जैन युवा ने बताया कि पर्युषण पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आचार्यश्री ने कहा कि पर्युषण पर्व सभी पर्वों में श्रेष्ठ, मंगलकारक एवं पावन- पवित्र है। इन दिनों आरम्भ- समारम्भ के व्यापार को छोड़कर प्रमादकारी कथाओं को देश निकाला देकर धर्माराधना तथा कल्पसूत्र श्रवण में तल्लीन रहना चाहिए। आज भगवान महावीर स्वामी जन्म वाचन एवं स्वधर्मी वात्सल्य का आयोजन किया जारहाहै।
सीमंधर स्वामी जिनालय, गुमास्ता नगर में कल प्रातः 9:30 बजे से जन्म वांचन तथा दोपहर 12:30 बजे से स्वधर्मी वात्सल्य होगा। विशेष तप आराधना भी जारी है। राजेश जैन युवा, मुकेश अलिराजपुर, नवीन भंसाली, शैलेश अम्बोर, विजय राठौर, संजय भंडारी, राजेंद्र राजोद, नितेश सोनगरा सहित अन्य जैन समाजजन मौजूद रहे। आज पूरे वर्षभर का त्रिस्तुतिक सम्प्रदाय का महासंगम किया जारहाहै।
आज भगवान के जन्म के दौरान त्रिशला माता द्वारा देखे गए 14 स्वप्नों को सोने एवं पुष्प की माला से झुलाया गया। बडी संख्या में जैन समाजजन मौजूद रहे। गच्छाधिपति जैनाचार्य नित्यसेनसूरिजी महाराज ने भगवान महावीर स्वामी के जन्म का वांचन को सुनाया। भगवान महावीर के जन्म पर आज जैन समाजजनोें ने एक- दूसरे को बधाई दी। लड्डू भी खाये और खोपरा नारियल भी खाया। आज केशर के छापे भी कपडों पर लगाए जा रहे है। आज शाम अभय प्रशाल में पालनाजी झुलाने जाएंगे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 12 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






