आदित्य मुनि म.सा. ने गुमाश्ता नगर स्थित मुकुट मांगलिक भवन पर आयोजित धर्मसभा में भक्तामर स्त्रोत की अनुपम व्याख्या की। बडी संख्या में जैन समाजजनों ने संत के आशीर्वचन को सुना। साथ में ठाणा का मार्गदर्शन भी मिल रहा है। मनीष बोहरा ने बताया कि प्रवचन के पश्चात प्रतिदिन तत्वामृत की 15 से 20 मिनिट की विशेष कक्षा भी हो रही है जिसमें शिष्यों के आचार्य के प्रति और आचार्य के शिष्यों के प्रति कर्तव्य जैसे विषय पर विस्तृत विवेचना हो रही है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 10 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






