न.प्र.)। मूसाखेड़ी ओवरब्रिज निर्माण के चलते मूसाखेड़ी चौराहे एवं आसपास के क्षेत्र में आने वाले मंदिरों के विस्थापन को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों के साथ जन- आस्था और धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मंदिर की मूर्तियों को नाले के समीप बने चबूतरे पर स्थापित किए जाने की जानकारी सामने आने पर स्थानीय रहवासियों और हिंदू समाज में नाराजगी फैल गई। विहिप बजरंग दल प्रचार प्रमुख अन्नु गेहलोत, प्रवीण दरेकर, लकी रघुवंशी कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया। संगठन ने मांग रखी कि मंदिरों के विस्थापन से पहले स्थानीय मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं से संवाद किया जाए तथा आवश्यक
साथ किसी पवित्र एवं उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए। विरोध के बाद प्रशासनिक एवं पुलिस
से चर्चा की। चर्चा के पश्चात जनभावनाओं का सम्मान करते हुए
पर सहमति बनी। सहित मौके पर
होने पर धार्मिक विधि-विधान के
अधिकारियों ने विहिप-बजरंग दल के अधिकारियों और स्थानीय रहवासियों
मंदिर को पास ही उपयुक्त एवं पवित्र स्थान पर विधिवत विस्थापित करने
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 14 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






