बिजासन रोड स्थित केशरी वाटिका में आचार्य विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी म.सा. एवं सिद्धरत्न विजयजी म.सा. चारित्ररत्नविजयजी म.सा.,प्रशमसेनविजयजी म.सा.के प्रेरक प्रवचन जैन समाजनजों को सुनने कोे मिल रहे है। लगातार जैन समाजजन श्रद्धालु बनकर धर्मसभा में पहुंच रहे है। 18 पापस्थानकों की संवेदना में भी समाजजन मौजूद रहे। कुल 20 श्रमण-श्रमणी की निश्रा में चातुर्मास में धर्म पालन करने का भव्य आगाज हुआ। आचार्य विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी म.सा. ने कहा कि गुरु बनना सरल हो सकता है, लेकिन सच्चा शिष्य बनना अत्यंत कठिन है। गुरु के प्रति समर्पण, श्रद्धा, विनय और आज्ञापालन को जीवन का आधार बनाना ही सच्चे शिष्यत्व की पहचान है। आचार्य ने अपना संपूर्ण जीवन गुरुचरणों में समर्पित कर शिष्यत्व की आदर्श परंपरा प्रस्तुत की है। राजेश जैन युवा ने बताया कि आज से गुरु तप अराधना शुरू हुई है और और नवकार आराधना 20 अगस्त से प्रारंभ होगी। आज दोपहर 2 बजे आदिनाथ मांगलिक भवन, रामचंद्र नगर में साध्वीवर्या शशिकलाश्रीजी म.सा. की पुण्यतिथि पर महिलाओं की सामूहिक सामायिक आयोजित होगी। 16 अगस्त को भगवान नेमिनाथ प्रभु का जन्म एवं दीक्षा कल्याणक मनाया जाएगा तथा उनके जीवन-चरित्र पर विशेष प्रस्तुति होगी। धनराज संघवी, प्रभात जैन, नरेंद्र बोहरा, राजेन्द्रकुमार रुणवाल, राजेंद्र पारेख, सुरेंद्र सुराणा, विनोद संघवी, अनिल सकलेचा, दिनेश मेहता, श्रीपाल संकलेचा, रवि रांका, सनोज जैन, मुकेश पोसित्रा, ललित जैन, मनोज जैन, पंकज पारेख, प्रवीण जैन पूर्णिमा, रवि मोदी, शैलेन्द्र जैन, प्रमोदकुमार वया, डॉ. गजेंद्र जैन, सुशील तांतेड़, गोलू सकलेचा, अमित कावड़, अशोक बागवाला, रमेश श्रीमाल, कमलेश कोठरी, दिलीप संघवी, राजेंद्र चोरडिया सहित अन्य मौजूद थे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 11 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






