मध्यप्रदेश के सतना, चित्रकूट से लेकर बिहार, उत्तराखंड तक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। सतना में आज और कल स्कूल-कॉलेज की छुट्टी घोषित कर दी गई। मंदाकिनी नदी ने भी रौद्र रूप धारण कर लिया है। उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण 12 लोगों की मौत हो गई।
उत्तरप्रदेश के उन्नाव में गंगा एक्सप्रेसवे धंस गया। बिहार के भागलपुर में 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर कटाव के चलते गंगा में समा गया। उत्तरप्रदेश के काशी में रत्नेश्वर महादेव मंदिर डूब गया है। गुबंद की कुछ हिस्सा ही दिखाई दे रहा है। बिहार में गंगा-पुनपुन समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पटना भी
चित्रकूट में पहाड़ी इलाकों में 36 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 5 जलमग्न हो गया। मीटर ऊपर पहुंच गया। बाढ़ के पानी में रामघाट स्थित बड़ा मठ मंदिर डूबने लगा। जान के खतरे के बीच डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह हाथ जोड़कर पुजारी से बाहर आने की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुजारी भगवान को अकेला छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने को तैयार नहीं हुए।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 2 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 1 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें






