नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो के एसएससी मैदान पर खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में 33 साल के ऑलराउंडर सारांश जैन को भारतीय टीम की कैप दी गई। इसके साथ ही वह 21वीं सदी में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार खेल और इंडिया ए के हालिया श्रीलंका दौरे पर बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्हें यह मौका मिला। 2025-26 के रणजी सीजन में सारांश ने बल्ले से 57.55 की औसत से 518 रन बनाए और गेंद से 20.43 की औसत से 30 शिकार किए। हालांकि, उनके इस डेब्यू के साथ एक बेहद अनोखा रिकॉर्ड जुड़ा है। सारांश ने आईपीएल में एक भी मैच खेले बिना सीधा इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा है। ऐसे ही और भी कई क्रिकेटर भारत के लिए पहले खेल चुका है। पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज मुरली विजय का नाम इस अनोखी सूची में शामिल है। विजय ने अपने आईपीएल डेब्यू से करीब एक साल पहले ही भारतीय टेस्ट टीम में जगह बना ली थी, जब उन्होंने 2008 में नागपुर के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला मुकाबला खेला था। इसके बाद 2009 की आईपीएल नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 12 लाख रुपये में अपनी टीम से जोड़ा जहां से उनके आईपीएल करियर का आगाज हुआ।
भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के मुख्य हथियार रहे मोहम्मद शमी ने भी आईपीएल में कदम रखने से पहले ही इंटरनेशनल पर अपनी छाप छोड़ दी थी। उन्होंने जनवरी 2013 में दिल्ली के मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ वनडे मुकाबले से भारत के लिए डेब्यू किया था। इसके कुछ ही महीनों बाद अप्रैल 2013 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें मौका दिया जहां उस सीजन उन्होंने 3 मैच खेले। इसके बाद शमी ने दिल्ली, पंजाब, गुजरात, हैदराबाद और लखनऊ जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया और 132 आईपीएल मैचों में 145 विकेट झटके। इस खास सूची में सबसे ताजा नाम खुद सारांश जैन का है जिन्होंने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 54 मुकाबले खेल चुके सारांश के नाम 31.75 की औसत से 2223 रन (2 शतक, 14 अर्धशतक) और 27.30 की औसत से 188 विकेट दर्ज हैं। इसके अलावा 47 लिस्ट ए मैचों में उन्होंने 553 रन बनाने के साथ 38 विकेट लिए हैं और 20 टी20 मुकाबलों में 19.11 की औसत से 18 विकेट चटकाए हैं। आईपीएल नीलामी में 2024, 2025 और 2026 के दौरान वे शॉर्टलिस्ट भी हुए लेकिन किसी भी प्रेंचाइजी ने उन्हें खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। नई दिल्ली। ध्रुव जुरेल का इंस्टाग्राम बायो बेहद सरल, लेकिन आकर्षक है मांबा मेंटालिटी। यह शब्द बास्केटबॉल के दिग्गज कोबे ब्रायंट ने खुद का सर्वश्रेष्ठ रूप हासिल करने की अपनी निरंतर कोशिश और मानसिकता को व्यक्त करने के लिए गढ़ा था। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन सोमवार को जुरेल की नाबाद 115 रन की पारी इस सोच के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की गवाही देती है। शतक पूरा करने के बाद जुरेल ने सलामी दी और अपनी बांह पर बना ‘जय जवान, जय किसान’ का टैटू दिखाया। उन्होंने बताया कि उनके दादा किसान थे और पिता सैनिक रहे हैं। उन्होंने कहा, यही मेरी जड़ें हैं और मैं इन्हें भूलना नहीं चाहता। इसलिए वह ओपनिंग मेरे पिता और दादा के लिए थी। जुरेल ने यह भी बताया कि भारत ए के साथ श्रीलंका का दौरा करने से उन्हें मौजूदा सीरीज की तैयारी में काफी मदद मिली।
जुरेल 99 रन तक बेहद संयमित बल्लेबाजी करने के बाद कुछ समय तक रन निकालने में विफल रहे। उन्होंने अपने दौड़ लगाकर किसी तरह एक रन चुराकर शतक पूरा किया। 25 वर्षीय बल्लेबाज ने इस घटनाक्रम को मजाकिया अंदाज में याद किया। उन्होंने कहा कि 99 रन तक उन्हें आसानी से रन मिल रहे थे, लेकिन उसके बाद गेंदबाज असिता फर्नांडो ने बेहतर लेंथ पर गेंदबाजी शुरू की और श्रीलंकाई क्षेत्ररक्षण भी ज्यादा चुस्त हो गया। फर्नांडो की गेंद पर सीधे बल्ले से शॉट खेलने के बाद जब जुरेल ने गेंद के सामने फील्डर को तेजी से आते देखा तो उन्हें लगा, 'ओह! मैंने ये क्या कर दिया।'
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 25 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 11 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें


