दूध उत्पादक किसानों की लगातार बढ़ती समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान एवं मजदूर सेना ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम सांची दुग्ध संघ इंदौर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विशाल मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। किसानों के हित में तत्काल निर्णय लेने की मांग की। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि वर्तमान समय में पशुपालन की लागत लगातार बढ़ रही है। पशु आहार, हरा एवं सूखा चारा, दवाइयां, बिजली, मजदूरी सहित अन्य खर्च बढ़ने के बावजूद किसानों को दूध का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में दुग्ध उत्पादक किसानों के लिए पशुपालन आर्थिक रूप से कठिन होता जा रहा है। इसलिए दूध का क्रय मूल्य बढ़ाकर 12 रुपये प्रति फैट किया जाना आवश्यक है। ज्ञापन में ग्राम स्तरीय दुग्ध समितियों एवं बीएमसी से सांची दुग्ध संघ तक पहुंचने वाले दूध के फैट में आ रही विसंगतियों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। किसान नेताओं ने कहा कि जांच में यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उक्त जानकारी किसान नेता बबलू जाधव ने दी।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 4 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 7 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें


