नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज पृथ्वी शॉ अब 26 साल की उम्र में अपने करियर को एक नए सिरे से संवारने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में फॉर्म, फिटनेस और विवादों से जूझने के बाद वे अब बेवजह के शोर-शराबे और मीडिया की चकाचौंध से दूर रहकर सिर्फ अपने खेल, परिवार और वर्क एथिक्स पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वे भारतीय टीम में दोबारा वापसी करने का सपना देख रहे हैं और इसके लिए उन्होंने खुद को बाहरी दुनिया की बयानबाजी से पूरी तरह काट लिया है।
पृथ्वी शॉ जमकर कर रहे
मेहनत- अपनी मौजूदा स्थिति और जीवनशैली में बदलाव को लेकर पृथ्वी शॉ ने कहा, मैं पहले से कहीं ज्यादा मेहनत कर रहा हूं। फिलहाल मैं सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए हुए हूं और केवल खुद पर काम कर रहा हूं। इस समय मेरी जिंदगी में सिर्फ तीन चीजें अहम हैं मैं, मेरा क्रिकेट और मेरा परिवार। इसके अलावा जो कुछ भी है मैं उसे नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहा हूं।
मुझे बाहर जाना पसंद
नहीं- अक्सर मैदान से बाहर मीडिया और पैपराजी की नजरों में रहने के सवाल पर शॉ ने अपनी राय साफ रखी। उन्होंने कहा, मुझे अब बाहर जाना पसंद नहीं है। मेरी अपनी पर्सनल लाइफ है और मुझे कैमरे का लगातार पीछा करना बिल्कुल पसंद नहीं है। हर किसी की अपनी पसंद होती है कुछ लोगों को यह पसंद आता है और कुछ को नहीं लेकिन जब मैं अपनी निजी जिंदगी जी रहा होता हूं तो मुझे आसपास कैमरे देखना पसंद नहीं है।
बाहर के लोगों से नहीं पड़ता फर्क-
करियर में आए इन झटकों का असर तब और साफ दिखा जब मुंबई ने 2024 में उन्हें रणजी ट्रॉफी टीम से बाहर कर दिया था और आईपीएल 2025 की नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स द्वारा रिलीज किए जाने के बाद वे अनसोल्ड रह गए थे। शॉ ने कहा, बाहर के लोग क्या कमेंट करते हैं इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरे लिए बस यह मायने रखता है कि मेरा परिवार मेरे बारे में क्या सोचता है। इस जिंदगी में कोई भी हमेशा सही नहीं हो सकता। इंसान से गलतियां होती हैं यह सब तकदीर का खेल है और मैं अब बीते हुए कल के बारे में नहीं सोचता।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 16 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 11 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें





