फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 के कॉकपिट हमले के बाद इजरायल ने अपने फाइटर जेट्स को तैयार कर लिया था। अगर विमान तेल अवीव की तरफ बढ़ता रहता और हाइजैकिंग की पुष्टि होती, तो उसे मार गिराने तक का विकल्प तैयार रखा गया था। इसकी वजह संवेदनशील ठिकानों, जैसे बेन गुरियन एयरपोर्ट और अजरियेली सेंटर पर संभावित हमले का खतरा था। उधर ओमानी को- पायलट हमाम अल-हम्मामी ने पूछताछ में कहा कि उसने गाजा के बदले के लिए यह कदम उठाया था और वह ‘शहीद' होकर मरना चाहता था। जांच एजेंसियां अब उसके फोन, संपर्कों और विदेश यात्राओं की जांच कर रही हैं।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 6 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 1 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




