इंदौर नगर निगम खड़ी हुई लक्ष्मी जी और बैठी हुई लक्ष्मी जी की पूजा के फेर में उलझा हुआ है। निगम में पहले सिंहासन पर बैठी हुई लक्ष्मी जी की पूजा होती थी। फिर इस परंपरा में परिवर्तन कर खड़ी हुई लक्ष्मी जी की पूजा शुरू की गई। उसके बाद जब निगम की वित्तीय स्थिति बिगड़ गई तो पिछले साल पूजा में दोनों लक्ष्मी जी को बैठा दिया था। इंदौर नगर निगम खजाने में आज दोपहर 1:30 बजे लक्ष्मी पूजन होगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव, निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल व अपर आयुक्त लेखा विभाग देवधर दरवाई द्वारा लक्ष्मी पूजन किया जाएगा। इस अवसर पर पार्षद एमआईसी सदस्य, निगम अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहेंगे। लक्ष्मी पूजन के बाद निगम कर्मचारियों के द्वारा निगम के मुख्यालय में आतिशबाजी की जाएगी। इसके साथ ही मिठाई का वितरण कर सभी का मुंह मीठा कराया जाएगा।
दीपावली पर नगर निगम के खजाने लेखा विभाग में इस बार भी बैठी हुई लक्ष्मी की पूजा की जाएगी। कुछ साल पहले तक निगम में खड़ी लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा थी, लेकिन लेखा विभाग के अपर आयुक्त देवघर दरवई ने इस परंपरा में बदलाव करते हुए बैठी लक्ष्मी की पूजा शुरू करवाई। दिलचस्प बात यह है कि इस बदलाव के बाद से निगम की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार देखने को मिला है। कभी कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी निगम को मशक्कत करनी पड़ती थी, वहीं अब कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल रहा है और ठेकेदारों को भी भुगतान किया जा रहा है। दरअसल, नगर निगम में लक्ष्मी पूजन की परंपरा का अपना अलग इतिहास रहा है। जब लेखा विभाग में अपर आयुक्त के पद पर वीरभद्र शर्मा पदस्थ थे, तब निगम लेखा विभाग में खड़ी लक्ष्मी की तस्वीर रखकर पूजा की जाती थी। मान्यता है कि खड़ी लक्ष्मी की पूजा उन संस्थानों में की जाती है, जहां धन का नियमित लेन- देन होता है, जबकि बैठी लक्ष्मी को स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। निगम में बैठी लक्ष्मी की पूजा की पुरानी परंपरा को बदलकर खड़ी लक्ष्मी की पूजा शुरू कर दी गई थी। तत्कालीन एमआईसी के कुछ सदस्यों ने भी इस बदलाव पर आपत्ति जताई थी, लेकिन परंपरा जारी रही। अपर आयुक्त वीरभद्र शर्मा के कार्यकाल के बाद जब देवघर दरवई ने लेखा विभाग की जिम्मेदारी संभाली तो उन्होंने पहले वर्ष खड़ी और बैठी, दोनों स्वरूपों की लक्ष्मी की प्रतिमाएं रखकर पूजन करवाया। इसके अगले वर्ष से केवल बैठी लक्ष्मी की पूजा की परंपरा शुरू कर दी गई, जो आज भी जारी है।
अब समय पर मिल रहा वेतन, ठेकेदारों को भी भुगतान नगर निगम की आर्थिक स्थिति की बात करें तो पहले कर्मचारियों के वेतन भुगतान में भी परेशानी आती थी। ठेकेदारों का भुगतान लंबे समय तक अटका रहता था। इसके विपरीत अब कर्मचारियों को हर महीने निर्धारित समय पर वेतन मिल रहा है। ठेकेदारों को भी पार्ट पेमेंट किया जा रहा है। इतना ही नहीं, बिजली बिल और विभिन्न ऋणों की किस्तों का भुगतान भी समय पर किया जा रहा है। बहरहाल, बैठी लक्ष्मी की पूजा की परंपरा और निगम की सुधरती आर्थिक स्थिति को लेकर विभाग में रोचक चर्चाएं जरूर हैं। हालांकि आर्थिक सुधार के पीछे प्रशासनिक और वित्तीय प्रबंधन की भूमिका भी अहम है। दीपावली पर होने वाला यह लक्ष्मी पूजन अब नगर निगम के लेखा विभाग की एक खास पहचान बन गया है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट अख़बार के 8 November 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




