प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्म दिवस पर इंदौर में कार्यक्रम रखकर स्वामित्व योजना शुरू की गई थी। बताया गया था कि 48 लाख से अधिक निजी जमीन तथा 19लाख से अधिक सरकारी जमीन की रजिस्ट्री मुफ्त में स्वामित्व योजना अंतर्गत की जावेगी और इंदौर में आज से शुरू करके एक महीने में पूरे प्रदेश में खत्म कर दी जाएगी। । द्विवेदी ने पूछा इस योजना के खिलाफ पटवारी, नायब तहसीलदार, तहसीलदार क्यों है। उनकी आपत्ति कानून सम्मत है, तो फिर सरकार इसे विधि विभाग को क्यों नहीं भेजती। सरकार अब दबाव प्रभाव बनाने खातिर पटवारियों का निलंबन करने जा रही है। जिला कलेक्टरों के माध्यम से नायब तहसीलदार, तहसीलदार को नोटिस जारी करने जा रही है आखिरकार क्यों। द्विवेदी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस ने योजना की कानूनी खामियों पर ध्यान दिलाया था। सवाल कानून अनुसार उठाया था और आज भी वही सवाल खड़े हैं, तो उसे राजनीतिक कुंठा बताया गया पर अब जब पटवारियों, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उठा रहे तब मप्र सरकार बताए वो कैसे निजी जमीन को सरकारी बना उसकी रजिस्ट्री करेंगी, कानून बताए, नजूल भूमि की रजिस्ट्री एसडीएम करते हैं, तो पटवारियों से कैसे करवाई जाएगी। पहले कानून सम्मत अधिकार देना पड़ेगा। गजट नोटिफिकेशन जारी करना पड़ेगा। सरकार का अल्प ज्ञान तथा हठधर्मिता अब अपने कर्मचारियों एवं अमले पर दबाव प्रभाव डाल रही है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 6 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 2 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




