एरोड्रम थाने में शुक्रवार देर रात एक सड़क दुर्घटना में घायल पुजारी की शिकायत पर सुनवाई और मेडिकल जांच में कथित देरी को लेकर जबरदस्त हंगामा हो गया। थाने के भीतर पुलिसकर्मियों द्वारा भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट किए जाने की शिकायत पर विधायक गोलू शुक्ला समर्थकों की भारी भीड़ थाने के बाहर जमा हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के त्वरित हस्तक्षेप के बाद थाना प्रभारी समेत छ्ह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

मरीमाता चौराहा स्थित मंदिर के पुजारी जयदीप दुबे सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे। दुर्घटना के बाद उनके साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए पुजारी, भाजपा कार्यकर्ता पंकज चौबे और अन्य सहयोगियों के साथ एरोड्रम थाने पहुंचे थे। थाने में एमएलसी और रिपोर्ट दर्ज करने की प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई और हुज्जत में बदल गई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि थाने के भीतर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की। घटना की जानकारी मिलते ही विधानसभा क्षेत्र-3 के विधायक गोलू शुक्ला के समर्थन में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी देर रात एरोड्रम थाने पहुंच गए। थाने के बाहर भारी भीड़ ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस उग्र प्रदर्शन के कारण थाने के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बढ़ते तनाव और गंभीर स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। एडिशनल डीसीपी सुमित केरकेट्टा ने थाने के बाहर आकर प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं और भाजपा पदाधिकारियों से चर्चा की। प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्ट्या मारपीट और अभद्रता होना पाए जाने पर, एडिशनल डीसीपी ने प्रदर्शनकारियों के सामने ही थाना प्रभारी वेदेन्द्रसिंह कुशवाह, एक सब-इंस्पेक्टर सहित 6 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने की घोषणा की। इसके बाद कार्यकर्ताओं का गुस्सा शांत हुआ और प्रदर्शन समाप्त हुआ। कार्यकर्ता पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करवाकर ही माने। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के अन्य पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
विधायक ने लगाया था फोन
बताया जा रहा है कि पं. जयदीप दुबे के साथ घटना दोपहर में हुई थी। इसके बाद घटना को लेकर विधायक गोलू शुक्ला ने थाना प्रभारी को फोन भी लगाया था। तब टीआई कुशवाह ने शाम 6 बजैे जयदीप को थाना भेजने की बात कही। जिसके बाद कार्यकर्ता पंकज चौबे के साथ पं. दुबे शाम 7 बजे थाना पहुंचे थे जहां पुलिसकर्मियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। जिसके बाद रात तक मामला गर्मा गया और वरिष्ठ अधिकारियों को मामले में हस्तक्षेप करना पडा। दूसरी ओर बताया जा रहा है मामले की जानकारी प्रदेश संगठन तक भी पहुंच गई थी। कल प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शहर में ही थे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 10 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




