प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता राजेश चौकसे एवं अमित चौरसिया ने संयुक्त बयान जारी करते हुए शकर के लगातार बढ़ते दामों को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार में महंगाई ने आम आदमी की रसोई को बेहाल कर दिया है। अब शकर में भी सोने जैसी चमक आ गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्योहार पर बहनों की रक्षा बंधन की थाली में मिठास भी महंगी हो गई है। कुछ माह पहले लगभग 40 रुपये किलो के आसपास मिलने वाली शकर अब बाजारों में 70-75 रुपये किलो तक पहुंच गई है आगे भी चीनी के दामों मे मूल्य वृद्धि बने रहने की आशंका जताई जा रही है। वृद्धि ने आम परिवार का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद शकर के दाम अचानक रिकॉर्ड स्तर तक कैसे पहुंच गए? क्या बाजार में कृत्रिम कमी पैदा की जा रही है? क्या जमाखोरी और सट्टेबाजी के जरिए मुनाफाखोरी का खेल चल रहा है? अगर सरकार को स्टॉक लिमिट लागू करने और 10 लाख टन शकर आयात करने की जरूरत पड़ रही है, तो फिर उसके पहले बाजार की निगरानी क्यों नहीं की गई? सरकार एक ओर पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा दे रही है और दूसरी ओर गन्ने के रस एवं सिरप के एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल से चीनी की उपलब्धता पर पड़ने वाले असर को नजरअंदाज कर रही है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि गन्ने का कितना हिस्सा चीनी उत्पादन से हटाकर एथेनॉल में गया और इसका कि त्योहारी सीजन शुरू होते ही शकर के दामों में इस तरह की तेजी कालाबाजारी, जमाखोरी, अवैध स्टॉक और मुनाफाखोरी की आशंका को जन्म देती है। जब चीनी उद्योग से जुड़े संगठन स्वयं देश में पर्याप्त स्टॉक होने की बात कह रहे हैं, तो फिर उपभोक्ता को महंगी शकर क्यों खरीदनी पड़ रही है? कांग्रेस नेताओं ने कहा शकर के बढ़ते दामों पर तत्काल नियंत्रण लगाए।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 22 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




