पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शिवधाम उज्जैन से रामधाम अयोध्या तक 20 अक्टूबर दशहरा के दिन से राम दान की लूट के खिलाफ सत्यसनातन स्वाभिमान यात्रा निकालेंगे। इस यात्रा की तैयारियां शुरू हो गई है। प्रदेश भर के दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह समर्थक इस यात्रा को लेकर उत्साही है। बकायदा इसके लिए दिग्विजय सिंह टीम ने एक फोल्डर भी जारी किया है, जिसमें राम जन्मभूमि का संक्षिप्त इतिहास बताने के साथ धर्माचार्यों की उपेक्षा, चंदा चोरी, चांदी की ईंटों की चोरी, राम मंदिर के निकट जमीन खरीदी में घोटाला, मंदिर निर्माण एवं प्राण- प्रतिष्ठा समारोह में भ्रष्टाचार, राम मंदिर निर्माण के बाद के घोटालों का भी जिक्र विस्तृत किया गया।
साथ ही इस फोल्डर के माध्यम से दिग्विजय सिंह ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को तत्काल भंग करने और अयोध्या श्रीराम मंदिर की व्यवस्था को रामालय ट्रस्ट को सौंपने सभी पीठो के शंकराचार्य, रामानांद सम्प्रदाय के संत, निर्मोही अखाड़े के प्रमुख और गौरखनाथ मठ के प्रतिनिधियों को सम्मिलित किए जाने की मांग भी की है। साथ में राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी में तत्कालीन पदाधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आरोपी बनाने की मांग की है। यह भी मांग की कि राम मंदिर ट्रस्ट में किसी भी राजनेता, साम्प्रदायिक संगठनों के सदस्य को पदाधिकारी नहीं बनाया जाए ना ही दायित्व दिए जाए। राम मंदिर में हुई चोरी के बाद श्रद्धालुओं की आस्था पर पहुंची गंभीर चोंट के विषय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुप क्यों है उनका मौन संदेह उत्पन्न करता है। यह भी लिखा कि शास्त्रों में कहा गया है कि मौनं स्वीकृति लक्षणम्। यह लिखने के बाद यह भी मांग की गई कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हमारी मांगों के अनुरूप निष्पक्ष और ठोस कार्रवाई करवाना चाहिए और पूरे मामले में पारदर्शिता स्थापित करना चाहिए। प्रधानमंत्री को यह सिद्ध करना चाहिए कि आस्था के नाम पर किसी भी प्रकार की लूट, भ्रष्टाचार या अनियमितता को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। प्रधानमंत्री अगर ऐसा करते हैं तो वे न्याय, जवाबदेही और धार्मिक आस्था के सम्मान का उत्कृष्ट और न्याय संगत उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने फोल्डर में जय-जय सियाराम भी लिखा और भगवान राम का चित्र भी प्रकाशित किया। दशहरा के दिन पार्थिव शिवलिंग का पूजन और अभिषेक कर दिग्विजय सिंह यात्रा के लिए रवाना होंगे। यात्रा में तिरंगा झंडा, धर्म ध्वजा, पचरंगा झंडा जिसे इन्द्र ध्वज भी कहा जाता है। यह झंडा स्वाभिमान और धर्म के संदेश के प्रतीक के रूप में शामिल किया जा रहा है। तिरंगा और पचरंगा झंडा को ध्वज वाहक यात्रा में सबसे आगे चलेंगे। प्रदेश भर के कांग्रेसियों के साथ इंदौर के कांग्रेसजनों में दिग्विजय सिंह की यात्रा को लेकर उत्साह है और प्रारंभिक दौर में कई कांग्रेसी इंदौर से भी उज्जैन पहुंचेंगे, जो फोल्डर जारी किया गया है उसे कांग्रेसी सोशल मीडिया पर प्रसारित भी कर रहे हैं।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 8 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




