मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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राजीव यादव का हुआ हिंदू संगठनों से मोह भंग

हिंदू प्रंट फॉर जस्टिस में राजीव यादव की टीम शामिल, भोज उत्सव समिति के समानांतर संगठन खड़ा करने का प्रयास...

प्रतिनिधि नितिन राठौर)। ऐतिहासिक भोजशाला विवाद में कानूनी मोड़ आने के बाद अब जमीनी स्तर पर व्यक्तिगत हितों को साधने के बीच नेतृत्व और श्रेय की होड़ शुरू हो गई है। धार में लंबे समय से संघ के अनुषांगिक संगठन के रूप में हिंदू समाज व भोजशाला आंदोलन का नेतृत्व करने वाली भोज उत्सव समिति के समानांतर अब हिन्दू प्रंट फॉर जस्टिस ने अपनी ताकत बढ़ानी शुरू कर दी है, इसी कड़ी में धार भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एंव निष्काशित नेता राजीव यादव और उनकी टीम का हिन्दू प्रंट फॉर जस्टिस में आधिकारिक तौर पर समावेश होता हुआ प्रतीत हो रहा है, जिसका त़ाजा उदाहरण सोमवार को धार कलेक्टर और एसपी को हिन्दू प्रंट फॉर जस्टिस संगठन के माध्यम से ज्ञापन देने पहुँचे अधिकांश व्यक्तिओ में राजीव यादव समर्थक ही दिखाई दे रहे थे, जबकि विगत सप्ताह धार के विभिन्न समाजों जिसमें ब्राह्मण, जैन, रजक व अन्य समाजों द्वारा समिति के नेतृत्व में इसी प्रकार का ज्ञापन दिया जा चुका है। जहाँ तक की इस संगठन में हाल ही में हुई नियुक्ति पर नजर दौड़ाई जाए तो इसमें पूर्व धार भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव यादव के बड़े भाई कन्हैयालाल यादव को जिलाध्यक्ष एवं नगर अध्यक्ष राजीव यादव के खासम खास मनीष मकवाना को बनाया गया है, जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है, उक्त संगठन में अब राजीव यादव की टीम का समावेश हो चला है। इस नए राजनीतिक व सामाजिक समीकरण को लेकर क्षेत्र में गर्माहट बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि यह पूरा कदम भोज उत्सव समिति के समकक्ष एक नया संगठन खड़ा करने की सोची- समझी रणनीति है। दशकों से धार की भोजशाला को लेकर जमीनी आंदोलनों में भोज उत्सव समिति का एकछत्र प्रभाव रहा है,लेकिन हाल ही में राजीव यादव की टीम के शामिल होने के बाद हिन्दू प्रंट फॉर जस्टिस स्थानीय स्तर पर अपनी सक्रियता दिखाने का प्रयास कर रहा है। स्थानीय विश्लेषकों व जुड़े सूत्रों का मत है कि हिन्दू प्रंट फॉर जस्टिस धार की धरती पर भोज उत्सव समिति के प्रभाव को कम कर पूरे भोजशाला मामले को हाईजैक करने का षड्यांत्र रच रहा है,इंदौर हाई कोर्ट ने एएसआई के वैज्ञानिक सर्वे को आधार मानते हुए भोजशाला परिसर को वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर घोषित किया था और हिंदुओं को पूर्ण पूजा का अधिकार दिया था। याचिकाकर्ता संगठन यह हिन्दू प्रंट फॉर जस्टिस को कोर्ट से कानूनी जीत का श्रेय मिलने के बाद अब यह संगठन जमीनी स्तर पर भी खुद को मुख्य चेहरे के रूप में स्थापित करना चाहता है,सोमवार 17 अगस्त 2026 हिन्दू प्रंट फॉर जस्टिस ने धार कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर परिसर के 100 मीटर के दायरे में नमाज की मौजूदा व्यवस्था पर आपत्ति जताई है, जिससे साफ है कि संगठन अब धार में पूरी तरह आक्रामक भूमिका में है, और आगामी चुनावों में इस जीत का श्रेय लेकर वोटरों को लुभाने का कार्य करेंगा। सूत्रों की माने तो आगामी विधानसभा चुनाव में हिन्दू प्रंट फॉर जस्टिस धार से अपना आधाकारिक उम्मीदवार उतारने की रणनीति से कार्य कर रहा है।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 18 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 8 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें