प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमित चौरसिया ने कहा कि 19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर आगमन से भाजपा नेताओं में डर, घबराहट और बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है। कांग्रेस को नेहरू स्टेडियम की अनुमति देने से इंकार करने के बाद अब भाजपा नेता उन स्थानों पर भी आपत्ति जता रहे हैं, जहां भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भाजपा सरकार और प्रशासन ने स्वयं राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए अनुमति दी थी। चौरसिया ने कहा कि जब भारत जोड़ो यात्रा के दौरान रीजनल पार्क के सामने स्थित भारत जोड़ो मैदान में कार्यक्रम की अनुमति दी गई थी, तो आज उसी स्थान को लेकर आपत्ति क्यों? स्थान वही है, प्रशासन वही है, फिर नियम और आपत्ति के मापदंड क्यों बदल गए? उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कार्यक्रम के लिए चार से अधिक वैकल्पिक स्थान जिला प्रशासन के समक्ष रखे हैं, जिनमें अटल बिहारी आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज ग्राउंड, देवी अहिल्या विश्वविद्यालय खंडवा रोड ग्राउंड, रीजनल पार्क के सामने भारत जोड़ो मैदान सहित अन्य स्थान शामिल हैं। कांग्रेस का उद्देश्य स्पष्ट है कि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए उपयुक्त स्थान पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया जाए। चौरसिया ने बताया कि इस संबंध में इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा एवं जिला प्रशासन से कांग्रेस के सत्यनारायण पटेल, चिंटू चौकसे, राजेश चौकसे, दीपू यादव, शैलेश गर्ग सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मुलाकात कर वैकल्पिक स्थानों पर चर्चा की है। चौरसिया ने कहा कि राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और देश की 140 करोड़ जनता की लोकतांत्रिक विपक्षी आवाज हैं। भाजपा सत्ता के दमन और प्रशासनिक दबाव के जरिए उस आवाज को दबाने की कोशिश कर सकती है, लेकिन लोकतंत्र की आवाज को रोक नहीं सकती। उन्होंने कहा कि 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज सुनाई देगी। भाजपा की घबराहट बता रही है कि राहुल गांधी की आवाज और युवाओं का सवाल सत्ता को कितना परेशान कर रहा है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 7 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




