मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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पेपर लीक से 7.5 करोड़ युवाओं का भविष्य दांव पर-कांग्रेस

एनटीए भंग करने की मांग, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो, पुलिस कार्रवाई की निंदा

प्रेस क्लब में मीडिया से पूर्व मंत्री प्रियवत सिंह, पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हीना कवारे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने चर्चा की और कहा कि देश में शिक्षा नीति लगातार फेल हो रही है, पेपर लीक, भर्ती में देरी और बढ़ती बेऱोजगारी से देश के युवा आक्रोशित है। कांग्रेस ने करोडों छात्रों की आवाज के रूप में छात्रों की गूंज अभियान चला रखा है और कांग्रेस युवाओं के मुद्दे को सडक से संसद तक उठा रही है। छात्र शांतिपूर्ण तरीके से सरकार को समस्या बताने के साथ संवाद करने दिल्ली पहुंचे थे। इन छात्रों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया, अभद्रता की और संवाद को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, के.सी. वेणुगोपाल सहित कई सांसद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से छात्रों की मांगों पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में कम-से-कम 152 पेपर लीक की घटनाओं से 7.5 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। परीक्षाएं रद्द हुईं, परिणामों में देरी हुई और भर्ती प्रक्रियाएं ठप पड़ गईं। इससे पूरी एक पीढ़ी का भविष्य संकट में आ गया है। मोदी सरकार पेपर लीक माफिया पर प्रभावी कार्रवाई करने और जवाबदेही तय करने में पूरी तरह विफल रही है। नेताओं ने कहा कि नीट, यूजी-2026 इस विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। 3 मई को हुई परीक्षा में 22 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया था, लेकिन पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द कर 21 जून को दोबारा आयोजित करनी पड़ी। री-नीट से पहले 21 अभ्यर्थियों की आत्महत्या की खबरों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने कहा कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर संवेदनहीन बनी रही। री-नीट के परिणामों में भी ओएमआर शीट, स्कोरकार्ड और उत्तरों में गंभीर विसंगतियों के आरोप लगे। कई छात्रों ने अपेक्षित अंकों और घोषित परिणामों में भारी अंतर होने की शिकायत की। एक छात्र को आपत्ति दर्ज कराने के लिए 27,800 रुपए तक जमा कराने पड़े, जबकि शिकायतों के समाधान के बजाय कानूनी कार्रवाई की धमकी दिए जाने के आरोप भी लगाए गए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए तथा मूल ओएमआर शीट, स्कैन कॉपी, मशीन द्वारा रिकॉर्ड किए गए उत्तर, अंतिम उत्तर कुंजी, प्रश्नवार अंक और मूल्यांकन प्रक्रिया में किए गए सभी बदलाव सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने कहा कि संकट केवल प्रतियोगी परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली, यूजीसी-नीट समाजशास्त्र प्रश्नपत्र लीक तथा ओडिशा की कक्षा 1 से 8 की पुस्तकों में 1,678 त्रुटियों जैसी घटनाओं ने शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शिक्षक भर्ती, अन्य सरकारी भर्तियों में देरी, विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी और सरकारी शिक्षा व्यवस्था की बदहाली ने युवाओं का भविष्य असुरक्षित बना दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। निष्पक्ष जांच के साथ परीक्षा और भर्ती के लिए बाध्यकारी वार्षिक कैलेंडर लागू किया जाए। 'छात्रों की गूंज' अभियान वर्तमान में देश के 28 प्रमुख शहरों में चलाया जा रहा है और अब इसे 100 शहरों तक विस्तारित किया जाएगा।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 23 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें