अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार की नीयत और जातिगत जनगणना के मौजूदा प्रारूप पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार का जातिगत जनगणना के संदर्भ में कथनी और करनी में बड़ा अंतर है। राहुल गांधी द्वारा देशभर में सामाजिक न्याय और संख्या बल की चेतना जगाने के बाद ही सरकार को इस दिशा में कदम उठाने पर विवश होना पड़ा है। डॉ. रागिनी नायक ने 2019 से लेकर अब तक के घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार लगातार जातिगत जनगणना को टालने और कमजोर करने का प्रयास करती रही है। उन्होंने कहा कि 2027 की प्रस्तावित जनगणना में ओबीसी और सामान्य वर्ग के लिए ओपन-एंडेड एंट्री का प्रावधान रखा गया है, जिससे एक ही जाति कई अलग-अलग नामों और वर्तनी में दर्ज हो सकती है। एसईसीसी 2011 में भी इसी खामी के कारण 46 लाख से अधिक प्रविष्टियां सामने आई थीं, जिससे आंकड़े अस्पष्ट हो गए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि जनगणना में एसी,एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए राज्यवार सत्यापित और प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची का उपयोग किया जाए। तेलंगाना और बिहार की तर्ज पर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर ही सामाजिक-आर्थिक आंकड़े जुटाए जा सकते हैं। इस संबंध में राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता से विचार- विमर्श के बाद ही नई प्रश्नावली तैयार की जाए ताकि सटीक आंकड़े सामने आ सकें। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सटीक आंकड़ों के अभाव में न्यायसंगत प्रतिनिधित्व, आरक्षण
नायक ने भी कल बोलकर बोलने का मौका दे दिया। और सामाजिक न्याय का अधिकार प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और शोषित वर्ग के अधिकारों के लिए यह लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी। इस अवसर पर विपिन वानखेडे, सोनिला मिमरोट, अमित चौरसिया मौजूद थे।
विजयवर्गीय को लपेटने में खड़ी भाषा
मीडिया से चर्चा के दौरान रागिनी नायक ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राहुल गांधी के इंदौर आने से कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा बल्कि भाजपा को फायदा होगा के बयान पर जुबानी जंग शुरू की। राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने विजयवर्गीय के बयान पर उन्हीं के अंदाज में पलटवार किया और जो पहले विजयवर्गीय ने मीडिया से बात में खड़ी भाषा बोली थी वहीं खड़ी भाषा रागिनी
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 6 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 2 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




