नारनौली अग्रवाल समाज पंचायत मल्हारगंज के चुनाव रविवार को होने के बाद एक ही पैनल के 10 लोग चुनाव जीत गए। तीन लोग हार गए, अब उनके समर्थक अंगुलियां उठा रहे हैं कि उन्हें अंतिम समय पर पता पड़ा कि वे उम्मीदवार है। रजत गर्ग ने यहां तक कहा कि उन्होंने नाम वापस ले लिया था, लेकिन चुनाव अधिकारी ने नाम वापस लेने का निर्णय नहीं लेते हुए चुनाव में मौजूद रहने का बाद में बताया। इधर कुछ लोगों का कहना है कि सालों साल से पंचायत में साधारण सभा नहीं हो रही थी। वहीं बिजली, टेंट के ठेके में भी पारदर्शिता नहीं रखी गई। कुछ लोगों ने चुनाव अधिकारी पर भी अंगुलियां उठाई। कुछ लोगों का कहना रहा कि हो सकता है कि हम लोग फर्म और सोसायटी में शिकायत करने पहुंचेंगे। लाइट और टेंट का ठेका किसने दिया उसका 10 सालों से हिसाब नहीं है यह भी आरोप लगाया जा रहा है, जो लोग 10वें नम्बर पर चुनाव जीते वे पदाधिकारी बन गए और जो सर्वाधिक मतों से आगे रहे उन्हें दायित्व नहीं मिला। कुल मिलाकर नारनौली पंचायत के चुनाव हो गए, लेकिन विरोध की लकीर शुरू हो गई है। खासतौर से टेंट-बिजली का ठेका और धर्मशाला के खर्च को लेकर अब प्रश्न पूछे जा रहे हैं। बायलॉज भी नहीं देने की बात कुछ लोगों ने बताई। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अग्रवाल समाज के एक थोक में रहकर ही एक व्यक्ति अध्यक्ष बन सकता है, जबकि ज्यादा थोक में रहकर अध्यक्ष बनने के मामले में अब शिकायत करने की बात भी कही जा रही है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 21 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




