विधायक उषा ठाकुर ने इस वर्ष भी गरबों में दूसरे वर्ग के लोगों की एन्ट्री पर बयान जारी किया है और यह भी कहा कि दूसरे वर्ग के लोग गरबा पंडालों में युवतियों पर ही निगाह रखते हैं और कई युवतियां इन दूसरे वर्ग के लोगों के साथ चली जाती है और एक साल बाद माँ भी बन जाती है। हमें इस मुद्दे को रोकना है इसीलिए हम मूर्ति पूजा को बढ़ावा दे रहे हैं। ठाकुर ने यह भी कहा कि देश भर में हर साल साढ़े चार लाख युवती-लड़कियां दूसरे समुदाय के युवकों के साथ चली जाती है। उल्लेखनीय है कि भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और मंत्री विश्वास सारंग ने भी इसी मुद्दे पर बयान जारी किया था, जिस पर भोपाल विधायक आरिफ मसूद ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उषा ठाकुर ने यह भी कहा कि गरबा पंडाल में मूर्ति पूजा नहीं करने वाले के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। ठाकुर ने व्यावसायिक गरबा आयोजनों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ठाकुर ने यहां तक कहा कि कुछ लोग तिलक लगाकर और कलावा बांधकर अपनी पहचान छिपाते हुए गरबा पंडालों में प्रवेश करते हैं और बेटियों को भ्रमित कर उनका जीवन खराब करते हैं। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मुहिम का समर्थन करते हुए कहा कि गरबा शक्ति की साधना, शस्त्र और शास्त्र का पर्व है। उनके मुताबिक व्यावसायिक स्वरूप के चलते गरबा साधना के बजाय आधुनिक कपड़ों, गहनों और टैटू के प्रदर्शन का माध्यम बनता जा रहा है।
पूर्व में उषा ठाकुर ने गरबा पंडाल में आधार कार्ड चेक कर प्रवेश देने की बात कही थी और सबक सिखाने की बात भी कही थी। अब ठाकुर ने मूर्ति पूजा की बात की है। ठाकुर ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। इंदौर में 19 सितम्बर को छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मिमिक्री की थी, ठाकुर ने कहा कि माँ जैसे शब्दों का मजाक बनाना उचित नहीं है। गांधी के बयान पर भी सवाल उषा ठाकुर ने खड़े किए।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 23 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 2 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




