शहर कांग्रेस महामंत्री अभिषेक मित्तल ने दो दिन पहले अपने महामंत्री पद से इस्तीफा लिखकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष को भेज दिया था। आनन-फानन में यह इस्तीफा स्वीकार कर अभिषेक मित्तल की जगह कांग्रेस कोषाध्यक्ष शैलेष गर्ग की अनुशंसा पर विकास जोशी को महामंत्री बना दिया गया था। इस खबर को कल सिटी ब्लास्ट ने प्रमुखता से प्रकाशित की उसके बाद कांग्रेस की गुटबाजी पर्दे के पीछे ही नजर आई और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस महामंत्री तक इस मुद्दे पर चर्चा की गई। कुछ नेताओं ने यह भी हवाला दिया कि इस्तीफा स्वीकार करना और नई नियुक्ति करने का अधिकार शहर कांग्रेस अध्यक्ष को नहीं है। कुछ वरिष्ठों ने कहा कि अकेले मुद्दे पर अध्यक्ष को अधिकार रहता है। कल कांग्रेस की गुटबाजी में पर्दे के पीछे हाई वोल्टेज राजनीतिक गुटबाजी का दृश्य चला। इधर अभिषेक मित्तल ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष को फोन कर कांग्रेस में वापस काम करने की इच्छा जाहिर की और उसी के बाद फिर से अभिषेक मित्तल इस्तीफा स्वीकृत होने के बावजूद महामंत्री बन गए। इधर विकास जोशी को हटाया नहीं गया है। इस्तीफा देने के बाद बने महामंत्री विकास जोशी अभी भी पद पर कायम रहेंगे। इस मुद्दे पर जीतू पटवारी से जुड़े दो वरिष्ठ नेताओं की भी इन्ट्री हो गई थी और सीधे हस्तक्षेप प्रदेश संगठन महामंत्री ने भी किया और उसी के बाद वापस महामंत्री पद पर अभिषेक मित्तल को कायम रखने की स्वीकृति बनी, लेकिन फायदे में विकास जोशी हो गए, जिन्हें शैलेष गर्ग ने बनवा दिया, जो अभी भी बने हुए हैं। अभी भी इस मामले में यही प्रयास हो रहे हैं कि अब विकास जोशी को हटवाया जाए और 51 पदाधिकारियों की सूची का हवाला दिया जाए। इधर चिन्टू चौकसे ने चर्चा में बताया कि अभिषेक मित्तल ने मोबाइल कर वापस काम करने की इच्छा जाहिर की थी और उन्होंने तत्काल भोपाल चर्चा कर वापस स्वीकृति ले ली। चौकसे ने कहा कि अभिषेक मित्तल और विकास जोशी दोनों ही महामंत्री पद पर काम करते रहेंगे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 9 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




