मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
इंदौर की ताज़ा खबरें – City Blast Indore Hindi News
ब्रेकिंग
राजनीति

मंदिरों की जमीन की जांच क्यों रुकी, किसने रुकवाई-कांग्रेस

मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता एड्वोकेट प्रमोद द्विवेदी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस सरकार समय मंदिरों, धार्मिक स्थलों के नाम शासकीय जमीन की गई थी, ये जमीन जोतकर फसल…

मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता एड्वोकेट प्रमोद द्विवेदी ने सवाल उठाया कि कांग्रेस सरकार समय मंदिरों, धार्मिक स्थलों के नाम शासकीय जमीन की गई थी, ये जमीन जोतकर फसल लेने एवं जीविका चलाने खातिर मंदिरों के आसपास या दूर जहां भी उपलब्ध थी, मंदिरों के नाम शासन व्दारा की गई। बड़े पैमाने पर ऐसी जमीनों की अफरा तफरी की गई है। मप्र में भाजपा सरकार के समय तो बड़े पैमाने पर की गई है। खासतौर पर इंदौर शहर एवं जिले में बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन एवं मंदिरों की जमीन बेची गई। सांवेर तहसील में, देपालपुर,हातोद,महू तहसील में भी सैकड़ों एकड़ भूमि बेची गई है। इंदौर में खजराना,पिपल्याहाना, पिपल्या कुमार, लसूड़िया मोरी से लेकर सिरपुर, सुल्काखेडी, छोटा बांगड़दा, बड़ा बांगड़दा आदि क्षेत्रों में तो तेजपुर गड़बड़ी, मूसाखेड़ी आदि क्षेत्रों में भी। द्विवेदी ने सवाल उठाया कि तात्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह जब इस मामले की जांच कर रहे थे कुल 33से अधिक फाइलें पकड़ी थी। 18से अधिक मामलों का खुलासा किया गया था तो सवाल है कि आशीष सिंह के कलेक्टर पद से हटते ही फाईल पर ध्यान क्यों नहीं दिया, संबंधित एसडीएम ने जांच क्यों रोकी। भाजपा के किन किन नेताओं के दबाव प्रभाव में जांच रोकी गई। बड़ी बड़ी नामचीन हस्तियां इसकी जद में आ रही थी किसने रोका भाजपा सरकार जबाब दे, यह एक ऐसा घोटाला हैं जो अमानत में खयानत का है। इसमें एसडीएम, तहसीलदार, उपपंजीयक आदि सभी समय समय पर सहभागिता करते रहे। भाजपा नेताओं एवं तथाकथित समाजसेवी तबके का चेहरा सामने आता। उक्त पूर्ण जानकारी प्रमोद द्विवेदी द्वारा दी गई।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 15 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें