प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनन्द जैन ने कहा कि जनविश्वास अभियान में बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर घोषणा की गई है, लेकिन जनता के सवाल अनुत्तरित है। बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। जैन ने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार यदि वास्तव में जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर है तो जन- विश्वास अभियान के तहत इंदौर में प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है? यह बताया जाए कि अभियान में कितने आवेदन आए, कितनी समस्याओं का निराकरण किया गया, कितने आवेदनों का
और मुकाम पर लौटने
प्लेटफार्म नं. 5-6 पर न.प्र.)। त्योहारों पर सबसे पहले भीड़ रेलवे स्टेशन पर बढ़ती है, ज्यादातर लोग आवाजाही के लिए रेल यातायात को चुनते है। समाधान मौके पर किया गया और कितनी जगह अधिकारियों को भेजकर खानापूर्ति की गई। अभियान में विधायक, मंत्री और अधिकारी समस्याएं सुन रहे हैं, लेकिन सुनवाई के बाद समस्या का हल क्या हुआ इसका किसी को पता नहीं है, क्या इस अभियान में केवल आवेदन लेना ही काफी है। पूरा मामला सार्वजनिक होना चाहिए, जनता जनार्दन को रिकार्ड देना चाहिए। इसका पोर्टल बनाकर आवेदन निराकरण और लाभार्थियों की पूरी सूची पोर्टल पर जारी करना चाहिए, जिससे जनता खुद देख सके कि उनकी समस्याओं का कितना निराकरण हुआ है, जनता को प्रचार नहीं परिणाम चाहिए।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 31 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 4 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




