प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने कहा कि कल ही मंदसौर में प्रशासन ने सिंथेटिक दूध बनाने वाली कंपनी पर छापा मारकर पकड़ा। अब इस मामले में द्विवेदी ने कहा कि म.प्र. सरकार दूध की शुद्धता पर एवं प्राकृतिक एवं नैसर्गिक होने पर श्वेत पत्र जारी करें। गौरतलब रहे कि विभाग ने आंकड़े जारी करते हुए दावा किया कि मप्र में विगत 5सालों में दुधारू पशुओं की संख्या नहीं बढ़ी परंतु दुध उत्पादन 18 फीसदी बढ़ गया है। मप्र में अभी 1.24 करोड़ दुधारू पशु है, परंतु अब दुध उत्पादन 33.27 लाख टन बढ़ चुका है, इस पर सवाल उठाया गया कि नस्ल सुधारी गई तो कैसे। द्विवेदी ने फिर सवाल उठाया कि अमानक स्तर के दूध मप्र में लगातार क्यों पकड़ा रहे, दही, पनीर, घी, मावा नकली कैसे बाजार में आ रहें। गौशालाओ में लगातार दूध ना देने वाली गौमाताओं की संख्या बढ़ क्यों रही है अगर अधिकारियों अनुसार गौमाता 3.5 लीटर अधिक दूध दे रही है तथा भैंस 4.5लीटर अधिक पहले की अपेक्षा तो फिर दूध उत्पादक दुध का मूल्य बढ़ाने खातिर क्यों अडे हुए हैं। मप्र में लगातार दूध डेरी बंद क्यों हो रही तथा सिंथेटिक दूध के होने की बात क्यों कहीं जा रही है। मप्र में बकरी का दूध भी सांची पांइट से बेचा जायेगा इस योजना का क्या हुआ। सरकार आम आदमी को आंकड़े में ना उलझाए तथा उच्च न्यायालय आदेश का समय समय पर पालन करें।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 28 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




