चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और चुनाव आयोग की संस्थागत स्वतंत्रता को बनाए रखना लोकतंत्र की रक्षा के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने मतदाता सूची के एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे लेकर अपनी आपत्तियां भी व्यक्त कीं। कांग्रेस, सपा, कम्युनिस्ट पार्टी के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। जितेन्द्रसिंह ठाकुर, सदाशिव यादव, गजेन्द्र वर्मा, अर्चना जायसवाल, राजेश शर्मा, किरण जिरेती, देवेन्द्रसिंह यादव, सुनील जैन पाण्डू, शाकिर शेख, रामबाबू अग्रवाल, रामस्वरूप मंत्री, मोहम्मद अली सिद्दीकी, डीएस मिश्रा, मनोज हार्डिया, प्रेम बाबू, डीके यादव, पवन यादव, राजेंद्र अटल, सलीम शेख, कैलाश लिंबोदिया, अरुण चौहान, भागीरथ कछवाय, परेश टोकेकर, रुद्रपाल यादव, अरविंद पोरवाल, विजय दलाल, विवेक मेहता, सोहनलाल शिंदे, राजेंद्र यादव, बटेश्वरनाथ सिंह, सुरेश सूरजवानी, अमन यादव, लालू यादव सहित अन्य मौजूद थे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 12 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 2 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




