मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
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गौरव को ताकत मिलने से नगर भाजपा में बढ़ गया तनाव

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व शहर अध्यक्ष और वर्तमान में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे को भाजपा संगठन के द्वारा ताकत दिए जाने के कारण इंदौर शहर भाजपा में तनाव की…

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व शहर अध्यक्ष और वर्तमान में प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे को भाजपा संगठन के द्वारा ताकत दिए जाने के कारण इंदौर शहर भाजपा में तनाव की स्थिति हो गई है। भाजपा के अंदरूनी समीकरण गड़बड़ा गए हैं।

हाल ही में दतिया के विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। जिस दिन चुनाव परिणाम आया उसी दिन पराजित प्रत्याशी ने सेबोटेज होने का आरोप लगाया। इस क्षेत्र से भाजपा के

और ड्रग माफियाओं का गठबंधन -मिश्रा कांग्रेस प्रवक्ता ने किया पलटवार, सुमित मिश्रा

पांच दिन पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के घर पर नगर निगम चुनाव को लेकर बैठक में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे और विधानसभा 3 के प्रभारी पिंटू जोशी के बाच मुद्दे पर तकरार हुई थी और उसी बैठक के दौरान बाहर हवा यह भी फैली थी कि दोनों के बीच हाथापाई और कुर्सी चलने की नौबत भी आई थी, जिसका कांग्रेस कोषाध्यक्ष शैलेष गर्ग ने खंडन भी किया था और कहा था कि मुद्दे पर आधारित दोनों के बीच चर्चा हुई थी, किसी तरह की कोई हाथापाई की नौबत नहीं बनी थी, लेकिन कल भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया और चिंटू चौकसे को गुंडा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को ड्रग वालों का साथी बता दिया। मिश्रा ने पटवारी को ड्रगिस्ट और चिंटू चौकसे को गुंडिस्ट तक की उपाधि दे डाली और चिंटू चौकसे को तो जमकर अपने बयान में सुमित मिश्रा ने जमकर लपेटा और कहा कि चिंटू चौकसे अवैध पिस्टल भी रखते हैं और जब जिम जाते हैं तो स्ट्रायरेड भी लेते हैं और द्वारा पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काट दिया गया था। इसके बाद शुरुआत में मिश्रा और उनके समर्थकों ने पार्टी संगठन के फैसले का विरोध किया था। बाद में इस फैसले को स्वीकार करते हुए पार्टी के प्रत्याशी को जीताने में ताकत लगाने की घोषणा की

प्रदेश कांग्रेस और शहर कांग्रेस में गुंडों

को हो गया था गांजा का ओवर डोज चिंटू चौकसे बोले- मैं इस मामले में कुछ नहीं बोलूंगा

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ भी गलत भाषा का उपयोग करते हैं। मिश्रा ने यहां तक कहा कि पटवारी की मौजूदगी में मीटिंग में चिंटू चौकसे ने हृदय का इलाज करवाकर आए पिंटू जोशी को कुर्सियां मारी और चाटे ही चाटे मारे। कुल मिलाकर कल सुमित मिश्रा के बयान के बाद कांग्रेसियों का गुस्सा भाजपाई नगर अध्यक्ष पर भी नजर आया। इधर चिंटू चौकसे से सुमित मिश्रा के बयान के बारे में पूछा तो उन्होेंने कहा कि मैं उनके बयान पर कोई पलटवार लगाएंगे। नहीं करूंगा, लेकिन कांग्रेस की ओर से प्रवक्ता लोकेश हार्डिया ने छोटा और आरोप वाला बयान जारी किया और कहा कि सुमित मिश्रा गांजा लेते हैं और कल गांजा का ओवर डोज मिश्रा ने ले लिया, जिससे उन्होंने चिंटू चौकसे के खिलाफ जो बयान दिया वह गलत है। हार्डिया ने यहां तक थी। जब चुनाव परिणाम सामने आए तब यह स्पष्ट हो गया कि मिश्रा और उनके साथियों ने पार्टी के प्रत्याशी का साथ नहीं दिया। इस स्थिति में भाजपा के द्वारा कल ही एक जांच कमेटी बनाई गई। इस जांच कमेटी में इंदौर शहर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष गौरव

कहा कि यह बयान भाजपा नगर अध्यक्ष के पद पर गरिमामय वाला नहीं है, भाजपाइयों को सुमित मिश्रा को रेहब सेंटर (नशा मुक्ति केन्द्र) ले जाकर भर्ती कराना चाहिए, अगर भाजपाइयों के पास पैसों की कमी है, तो हार्डिया ने कहा कि मैं रेहब सेंटर का पैसा देने को तैयार हूं। कुल मिलाकर दोनों ओर से बयान जारी हुए, लेकिन पहला बयान भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने चिंटू चौकसे पर दिया था और बाद में कांग्रेस की ओर से प्रवक्ता लोकेश हार्डिया ने बयान जारी किया। अब कांग्रेसी सुमित मिश्रा के बयान के बाद नाराजगी दिखा रहे हैं, कुछ कांग्रेसी बोले कि हम मिश्रा को सद्बुद्धि के लिए यज्ञ भी करेंगे, तो कुछ बोले कि हम माँ अहिल्या, गांधी प्रतिमा के समक्ष सद्बुद्धि की गुहार भी रणदिवे को लिया गया।

इस जांच कमेटी ने कल से ही काम शुरू कर दिया और अपनी पहली अनुशंसा भी पार्टी को भेज दी। इस अनुशंसा के आधार पर दतिया की जिला इकाई को भंग करते हुए सभी पदाधिकारी को पद से हटा दिया गया है। ध्यान रहे कि इन सभी पदाधिकारी ने मिश्रा का टिकट काटे जाने का विरोध करते हुए सड़क पर प्रदर्शन किया था। इसके साथ ही इन पदाधिकारी के द्वारा पार्टी के प्रत्याशी का विरोध किए जाने की हकीकत सामने आ गई थी। जांच समिति के द्वारा गठन के साथ ही तेज गति के साथ काम शुरू कर दिए जाने से इस बात का संकेत मिल गया कि भाजपा संगठन ने इस मामले को कितना गंभीरता से लिया गया है। इस पूरे मामले में भाजपा की ओर से गौरव को जो ताकत दी गई है उससे भाजपा की नगर इकाई के समीकरण बिगड़ गए हैं। ध्यान रहे कि गौरव और वर्तमान नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के बीच अत्यंत द्वेषपूर्ण संबंध है। दोनों एक दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते हैं। गौरव के समर्थकों को नगर अध्यक्ष के द्वारा नजरअंदाज करने का काम किया जाता है। ऐसे में गौरव के ताकतवर होने से अब भाजपा की नगर इकाई के समीकरण बिगड़ना शुरू हो गए हैं।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 5 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें