कम बारिश के चलते इन्दौर- उज्जैन सम्भाग मालवा क्षेत्र में पेयजल संकट से निपटने के लिए इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर, बड़वानी, खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, खंडवा और मंदसौर सहित विभिन्न जिलों और तहसीलों के किसान प्रतिनिधियों ने पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल से उनके बिचोली स्थित निवास पर मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांग उठाई कि इस बार अल्प वर्षा के कारण मालवा में सूखे की स्थिति बन रही है, जिसे देखते हुए विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से नर्मदा का बहता पानी मालवा के प्रमुख जल स्त्रोतों तक पहुंचाया जाए। पार्षद सुदामा चौधरी ने मालवा में सूखे की गंभीर स्थिति पर चिंता जताई। किसानों ने उज्जैनी से उज्जैन तक गई नर्मदा पाइपलाइन से सांवेर के गांवों में पानी छोड़ने की मांग रखी। वहीं देपालपुर क्षेत्र के किसानों ने बंद पड़ी नर्मदा परियोजनाओं को तुरंत चालू कर बनेडिया, हटा खेड़ा, चंबल और गंभीर नदी जैसी स्थानीय नदियों व तालाबों में नर्मदा जल उपलब्ध कराने का आग्रह किया ताकि फसलें बर्बाद होने से बच सकें और पेयजल संकट टल सके। बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि मालवा का जो बहता हुआ पानी है, उसे मालवा के प्रमुख जल स्त्रोतों तालाबों और नदियों तक समय रहते पाइपलाइनों के माध्यम से पहुंचाया जाए। यदि समय रहते इन पाइपलाइनों के जरिए पानी नहीं डाला गया, तो आने वाले समय में मालवा क्षेत्र में भयंकर सूखे की स्थिति पैदा हो जाएगी और यह क्षेत्र पूरी तरह रेगिस्तान में बदल जाएगा। इस संकट से निपटने के लिए शासन और प्रशासन दोनों स्तरों पर बात की जाएगी। पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल ने कहा कि वे इस मामले में जिला प्रशासन को पत्र के माध्यम से अवगत करा चुके है और अब मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के बाद सीधे उनसे मुलाकात भी की जाएगी। किसानों ने यह मांग भी उठाई कि पाइपलाइन संचालन से जुड़े भारी-भरकम बिजली बिलों और अन्य सभी खर्चों का वहन सरकार द्वारा किया जाए। विधायक पटेल ने कहा कि उनके पिता रामेश्वर पटेल ने 50 वर्ष पूर्व 'मालवा विकास परिषद' का गठन कर 'नर्मदा लाओ, मालवा बचाओ' आंदोलन चलाया था और मालवा की धरती पर नर्मदा का पानी लाने में अहम भूमिका निभाई थी, उसी प्रेरणा और पदचिन्हों पर चलते हुए वे भी मालवा विकास परिषद के बैनर इस व्यापक जनआंदोलन की अगुवाई करेंगे। अन्नदाताओं की यह आवाज गांव-गांव और शासन के शीर्ष स्तर तक मजबूती से पहुंचाई जाएगी, क्योंकि पटेल परिवार हमेशा से किसानों के साथ खड़ा रहा है और आगे भी पूरी ताकत से खड़ा रहेगा। बडी संख्या में किसान और अन्य भी मौजूद रहे।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 6 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 2 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




