सोमवार, 12 अक्टूबर 2026
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मतदाता सूची और चुनाव व्यवस्था को लेकर कांग्रेस करेगी आंदोलन -पटवारी

दो साल से राहुल गांधी उठा रहे हैं लोकतंत्र और ‘वोट चोरी’ का सवाल, भोपाल आयोग कार्यालय का होगा घेराव, मंगलवार को प्रदेश के साथ इन्दौर कलेक्टर कार्यालय का भी घेराव

व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर एसआईआर-2026 के तहत मतदाता सूची, नाम खोजने और संबंधित प्रक्रियाओं की सुविधा उपलब्ध है। पटवारी ने कहा कि एसआईआर के प्रारंभिक चरण में मध्यप्रदेश की मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की बात सामने आई। कांग्रेस ने इस पूरी प्रक्रिया में यह सवाल उठाया कि कितने मतदाताओं के नाम किन कारणों से हटाए गए, कितनी मतदाता स्थानांतरित हुए, कितने मतदाताओं की मृत्यु हुई और कितने नाम डुप्लीकेट पाए गए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दिसंबर 2025 में प्रकाशित ड्राफ्ट प्रक्रिया में 42,74,160 नामों से संबंधित जानकारी/फॉर्म उपलब्ध न होने की बात सामने आई थी। इसके बाद दावे- आपत्तियों और सत्यापन की प्रक्रिया हुई। फरवरी 2026 में प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में मध्यप्रदेश में कुल 5,39,81,065 मतदाता दर्ज किए गए और रिपोर्टेड आंकड़ों के अनुसार 34,25,078 नाम हटाए गए, जबकि ड्राफ्ट सूची की तुलना में लगभग 8.49 लाख मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज हुई। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस का सवाल है कि ड्राफ्ट और अंतिम सूची के बीच हुए इतने बड़े बदलावों का विधानसभा क्षेत्रवार और बूथवार पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए। प्रत्येक मतदाता को यह जानने का अधिकार है कि उसका नाम सूची में है या नहीं और यदि हटाया गया है तो उसका कारण क्या है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग स्वयं मतदाता सूची की तैयारी, संशोधन और सुधार की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने वाली संस्था है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट भी उसे चुनाव प्रक्रिया संचालित करने वाली स्वायत्त संवैधानिक संस्था के रूप में वर्णित करती है। मतदाता पंजीयन के लिए फार्म-6 महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। वहीं नाम हटाने के लिए फार्म-7 की व्यवस्था भी है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग को सरकार या सत्तारूढ़ दल के प्रभाव से पूरी तरह स्वतंत्र रहकर काम करना चाहिए। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पद से इस्तीफा देवे, चुनाव प्रक्रिया एवं मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच, यदि जांच में आपराधिक कृत्य प्रमाणित हों तो एफआईआर दर्ज की जाए,मतदाता सूची में हटाए गए प्रत्येक वास्तविक मतदाता को अपना पक्ष रखने और नाम पुनः जुड़वाने का अवसर मिले, चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जाए। आगामी पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग भी की। विधानसभा और बूथवार पूरा डेटा सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? इन्हीं मुद्दों पर सोमवार 28 सितम्बर को भोपाल निर्वाचन आयोग का घेराव और 29 सितम्बर को प्रदेश के सभी कलेक्टर कार्यालय का घेराव कांग्रेस करेगी. कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर भी उठाएगी। इस दौरान मीडिया विभाग प्रमुख मुकेश नायक भी मौजूद रहे। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिन्टू चौकसे और संगठन महामंत्री संजय बाकलीवाल ने बताया कि वरिष्ठ कांग्रेस के निर्देश पर वोट चोरी अभियान के विरोध में निर्धारित आन्दोलन किया जाएगा और ज्ञानेश कुमार को हटाने और उन पर कार्रवाई भी की जाएगी।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 25 सितम्बर 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें