दतिया उपचुनाव का कल परिणाम आ गया है। कांग्रेस ने यह विधानसभा सीट जीत ली है। भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा का टिकिट काट दिया था। नरोत्तम समर्थकों ने आक्रोश में बवाल मचाया था जिसके बाद देशभर में यह सीट चर्चा में बन गई। चर्चित सीट पर भाजपा ने पूरी ताकत झोकी तो वहीं कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर अपनी जमावट की। इस जीत से कांग्रेस का मनोबल भी बढ़ा है।
जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस की उपचुनाव में यह जीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खास बात यह कि दतिया उपचुनाव में कमलनाथ सहित कांग्रेस के कई दिग्गज चुनावी मैदान से दूर थे। पूरा चुनाव दोनों दलों में आपसी गुटबाजी के आरोपों में हुआ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कल दतिया परिणाम के बाद कहा कि उपचुनाव ज्यादा महत्व के नहीं होते फिर भी हार, हार होती है। वहीं जीत, जीत होती है। हम नतीजों पर चिंतन करेंगे। उल्लेखनीय है कि विजयवर्गीय दतिया के उपचुनाव के लिए भाजपा के स्टार प्रचारक सूची में शामिल थे लेकिन उन्होने पूरे चुनाव में दतिया से दूरी बनाए रखी।
है। ऐसे में जब कांग्रेस ने यह जीत हांसिल ने कहा कि घनश्याम सिंह नरोत्तम मिश्रा के की तो जीतू पटवारी ने कहा कि यह भाजपा रिमोट पर ही काम कर रहे है। इसके बाद की सामान्य पराजय नहीं है, अहंकार की सियासत गर्मा गई। भाजपा प्रत्याशी हार है। उन्होने यह भी कहा कि यह आशुतोष तिवारी ने कहा कि कांग्रेस के उपचुनाव नहीं, 2028 का ट्रेलर है।
बयान के बाद मेरे कान खड़े हो गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमें इसकी समीक्षा संगठन करेगा जो भी दोषी 2023 चुनाव से 1700 वोट अधिक मिले होगा उस पर संगठन स्तर पर कार्यवाही है। कुल मिलाकर दतिया जीत से कांग्रेस का होगी। हालांकि तिवारी ने मिश्रा का नाम मनोबल बढ़ा है। राज्यसभा सीट गंवाने के नहीं लिया लेकिन उनके बयान से अंदाजा बाद कांग्रेस का मनोबल टूटा था। अब लगाया जा रहा है कि उन्होने नरोत्तम मिश्रा नरोत्तम मिश्रा को लेकर कांग्रेस ने कई को लेकर दिए गए बयान पर विश्वास कर बयान दिए है। पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती लिया है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 4 अगस्त 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




