मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026
इंदौर की ताज़ा खबरें – City Blast Indore Hindi News
ब्रेकिंग
राजनीति

चौकसे कं 7 दिन आराम की सलाह के दौरान मिले थे 3 नंटिस

जिस चिकित्सक ने इलाज कर पर्ची लिखी थी उन्हें भी दो घंटे थाना पर रूकना पड़ा चौकसे बोले मैं तो सामान्य रूप से गिनती के साथियों के साथ पहुंचा थाना, मुझे मालूम होता तो मैं बड़ी संख्या में कांग्रेसी लेकर पहुंचता

पंढरीनाथ थाना क्षेत्र के गांधी भवन के सामने फरवरी में भाजपाई और कांग्रेसी आमने-सामने हुए थे। इस मामले में दोनों ओर से थाना में रिपोर्ट भी की गई थी। गांधी भवन पर भाजपाई पहुंचे थे। भाजपाई नीचे थे, कांग्रेसी ऊपर गांधी भवन पर थे। पथराव की स्थिति भी बनी थी। 20 कांग्रेसियों पर नामदर्ज रिपोर्ट हुई थी और भाजपाइयों पर अज्ञात रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जबकि कांग्रेस की ओर से संगठन महामंत्री संजय बाकलीवाल ने वीडियो फुटेज देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मुद्दे पर छात्रों के टंट्याा मामा भील चौराहा भंवरकुआं रोड पर आन्दोलन में चिंटू चौकसे और चौकसे के कहने पर कांग्रेसियों ने छात्रों की हर संभव मदद की थी और इस आन्दोलन के बाद से ही शहर कांग्रेस अध्यक्ष पंढरीनाथ पुलिस की ओर से तीन नोटिस गांधी भवन की घटना को लेकर बयान देने के लिए। इस पर कांग्रेसियों का कहना रहा कि छात्रों का सहयोग करना गुनाह तो नहीं था कि छात्रों की मदद के बाद तीन नोटिस चिंटू चौौकसे को मिले। इधर चौकसे का यह भी कहना रहा कि जब नोटिस आया तब वे बीमार थे और उन्होंने बकायदा चिकित्सक से उपचार भी लिया। कल गांधी भवन के मुद्दे पर चिंटू चौकसे को फिर से पंढरीनाथ थाना बुलाया गया। चौकसे सामान्य रूप से बयान देने अपने चुनिंदा साथियों के साथ थाना करीब दोपहर 1.45 बजे के करीब पहुंच गए थे और उन्हें रात 8.30 बजे के करीब थाना से जाने की इजाजत मिली। इस दौरान चिंटू चौकसे का उपचार करने वाले चिकित्सक को भी थाना पर दवाई देने के लिए बुलाया गया और उन्हें भी दो घंटा थाना पर रोककर पूछताछ भी हुई। इधर चिंटू चौकसे ने बताया कि उन्हें पौने 7 घंटे थाना पर बैठाया गया और उनसे 275 सवाल इस दौरान पूछे गए और यही कहा गया कि ज्यादा परेशानी हो तो ऊपर अधिकारियों से बात कर लो, हमारा जो काम है हम करेंगे। चौकसे ने कहा कि 21 जुलाई को वे छात्र आन्दोलन में शामिल होने गए थे और छात्रों की मदद भी की, क्या छात्रों की मदद करना गुनाह है, उस मदद के बाद से ही पुलिस का रूख चिंटू चौकसे पर सख्त हो गया। छात्रों की मदद के बाद ही 7 दिनों में तीन नोटिस पुलिस ने चिंटू चौकसे को भेज दिए। चौकसे और कांग्रेसियों का कहना है कि क्या प्रजातंत्र में मदद करना गुनाह है और गांधी भवन पर भाजपाइयों ने आकर हमला बोला था, हम भाजपाई कार्यालय नहीं गए थे, फिर भी कांग्रेसियों पर नामदर्ज प्रकरण दर्ज कर लिया गया और आज भी भाजपाई अज्ञात है, जबकि वीडियो फुटेज दिए गए है। जब चिंटू चौकसे को पंढरीनाथ पुलिस ने नोटिस दिए थे तब चिंटू चौकसे ने अपने वकील के माध्यम से सूचना भी भेज दी थी। इधर चौकसे ने कहा कि कांग्रेस के आन्दोलन को पुलिस के माध्यम से दबाने की कोशिश की जा रही है और इसीलिए कल पौने 7 घंटे थाना पर बैठाया गया। चौकसे ने यहां तक कहा कि अगर छात्रों की मदद करना गुनाह है, तो यह गुनाह मैं 10-10 बार करूंगा। चौकसे यह भी बोले कि वह सामान्य रूप से थाना पर बयान देने चुनिंदा साथियों के साथ गए थे, अगर उन्हें मालूम होता कि उन्हें 7 घंटे थाना पर बैठाया जाएगा तो वे सैकड़ों साथियों के साथ थाना पर

चिकित्सक नेताओं का इलाज करेंगे कैसे

कल कांग्रेसी बात कर रहे थे कि अब डाक्टर भी कांग्रेसियों का इलाज नहीं करेंगे अगर इलाज किया तो उन्हेंं भी थाना बुलवाया जाएगा और बयान के दौरान चिकित्सकों से भी तीखी भाषा का उपयोग पुलिस करेगी। कांग्रेसी यह भी बोले के भाजपाईयों के इलाज में भी चिकित्सक सोचेंगे कि कही विवाद में ना पड़ जाए। जब डॉक्टर ने इलाज करा और पर्ची लिखी तो इस कारण थाना में दो घंटे बैठना पड़ा।

से उन्हें और कांग्रेसियों को परेशान करने का काम कराया जा रहा है। चिंटू चौकसे से जब अन्दर पूछताछ चल रही थी और इधर देरी हो रही थी तो बाहर कुछ कांग्रेसी ने अपने साथियों को बुलाना शुरू किया और कुछ ही देरी में कांग्रेसियों की भीड़ बढ़ना शुरू हो गई। अन्दर कांग्रेसियों को जाने नहीं दिया जा रहा था। घटनाक्रम की सूचना मिलते ही कांग्रेसियों ने थाना पर आना शुरू कर दिया था। वरिष्ठ नेता सज्जनसिंह वर्मा भी पहुंच गए थे और इधर कई पार्षद, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी अपने शहर अध्यक्ष के लिए पहुंचे तो जिला कांग्रेस अध्यक्ष जाते। पुलिस के माध्यम विपिन वानखेड़े भी पहुंच गए थे, जिससे माहौल पंढरीनाथ थाना के बाहर गर्मा गया था। कांग्रेस एक

बार फिर चिंटू चौकसे के मुद्दे पर एकजुट नजर आई। पुलिस ने चौकसे से यह भी पूछा कि गांधी भवन में कितने लोग काम करते है, आप बीमार कैसे हो गए थे। कई तरह के प्रश्न पूछे गए, इधर बाहर मौजूद कांग्रेसी बेचैन होकर अपने साथियों को फोन लगाते रहे। सज्जनसिंह वर्मा भी थाना पहुंचे और उन्होंने कहा कि हमारे गांधी भवन पर भाजपाई पत्थर फेंकने आए थे, हम भाजपाइयों के यहां नहीं गए थे और ना ही हमने उन्हें बुलाया था। इधर

अधिकारियों से बात कर रही थी और यह भी कह रही थी कि जो

पटवारी बोले यह राजनीतिक प्रताड़ना

कल चिंटू चौकसे को 275 सवाल के साथ पौने 7 घंटे तक पंढरीनाथ पुलिस ने रोके रखा। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इस तरह कांग्रेस के शहर अध्यक्ष को पूछताछ के नाम पर इतनी देरी तक बैठाना राजनीतिक प्रताड़ना से कम नहीं है। चिंटू चौकसे खुद थाना बयान देने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें घंटों तक थाना में बैठाकर पूछताछ करना दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। पटवारी ने कहा कि उन्हें जांच करना है तो कानून के अनुसार जांच करें, लेकिन राजनीतिक दल के नगर मुखिया को घंटों तक थाना पर बैठाकर मानसिक दबाव बनाने की कार्रवाई लोकतांत्रित व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। पटवारी ने यह भी कहा कि जब भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हुआ था तो उस मामले में घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच पुलिस करें। कानून सबके लिए समान होना चाहिए। पुलिस बार-बार वरिष्ठ बात करना है ऊपर बात करो। इधर बाहर कांग्रेसी बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए थे और उन्होंने शाम होते-होते नारेबाजी करना भी शुरू कर दी थी, उन्होंने यह भी कहा कि चिंटू चौकसे संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ है…चिंटू चौकसे जिंदाबाद। चिकित्सक को भी दो घंटे थाना में रोका गया उसमें भी जद्दोजहद हुई थी। इधर कांग्रेसी

कहते रहे कि 5 माह पुराने मामले में इस तरह से पूछताछ के लिए बुलाना और पौने 7 घंटे तक रोके रखना और 275 सवाल पूछना सबकुछ ठीक नहीं है। कांग्रेसी बोले कि अब हम भी मोर्चा खोलेंगे। प्रमुख रूप से सज्जनसिंह वर्मा, विपिन वानखेडे, राजेश चौकसे, सोनिला मिमरोट, अमन बजाज, अमित पटेल, संजय बाकलीवाल, विनय बाकलीवाल, सत्यनारायण सलवाड़िया, दीपू यादव, शैलेष गर्ग, इम्तियाज बेलिम, रफीक खान, अनवर दस्तक, सादिक खान, देवेन्द्र यादव, राजू भदौरिया सहित कई कांग्रेसी थाना पर पहुंच गए थे।

यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 31 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 2 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें