नीरज नागदावाला ने पलटवार करते हुए कहा कि पटवारी ने उनका नाम नहीं लिया लेकिन इशारा उनकी ओर ही किया। नागदावाला ने मीडिया से चर्चा में पटवारी के दावे को पूरी तरह खारिज करते हुए संबंधित मतदान केंद्र और पोलिंग एजेंट की भूमिका से जुड़े दस्तावेज व साक्ष्य पत्रकारों के समक्ष प्रस्तुत कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप अपनी जगह है, लेकिन किसी व्यक्ति की राजनीतिक निष्ठा और व्यक्तिगत आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पुष्टि करना आवश्यक है। उन्होंने मीडिया से तथ्यों के आधार पर मामले को देखने का आग्रह किया और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वे ये प्रमाण निर्वाचन अधिकारी के सामने भी पेश करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य व्यक्तिगत विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक निष्ठा और निष्पक्षता पर लगे आरोपों का तथ्यात्मक स्पष्टीकरण देना है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 1 अक्टूबर 2026 के अंक में पृष्ठ 2 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




