प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता एडवोकेट प्रमोद द्विवेदी ने सवाल उठाया कि पुलिस नशामुक्ति अभियान चला रही है इस अभियान का ढोंग-पाखण्ड बंद होना चाहिए। एक तरफ सरकार कुछ जिलों को छोड़कर बाकी जगह शराब बिकवा रही है, दूसरी तरफ नशामुक्ति अभियान चला रही है। खुलेआम अवैध शराब बिकती है और कभी कभार पुलिस और आबकारी विभाग अवैध शराब पकड़ती है।
कभी ड्रग पकड़ी जाती है, तो कभी अन्य वस्तुएं पकड़ने का काम पुलिस और आबकारी विभाग करता है। द्विवेदी ने सवाल खड़ा कर पूछा कि कुछ धार्मिक शहरों में शराबबंदी लागू है तो फिर वहां अवैध ढंग से शराब कैसे बिक रही है, पूरे म.प्र. में अहाते बंद है तो फिर शराब दुकान के समीप अवैध रूप से अहाते कैसे चल रहे हैं। लगातार पुलिस और आबकारी विभाग छापामार कार्रवाई क्यों नहीं करते हैं। खानापूर्ति पूरी करने के लिए नशा अभियान चलाया जा रहा है। नशाखोरी के मामले में शासन, प्रशासन, पुलिस पूरी तरह असफल है। इस पर तंज भी कसा गया कि पुलिस द्वारा क्या सरकार को जगाने के खातिर जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है।
यह खबर सिटी ब्लास्ट ई-पेपर के 19 जुलाई 2026 के अंक में पृष्ठ 3 पर प्रकाशित हुई है। पूरा ई-पेपर पढ़ें




